
दरवाजे में न सटकनी,न अंदर पानी फिर भी 10 रुपए
राजा गोकुलदास धर्मशाला में रुकने वालों को सुलभ नहीं शौचालय
जबलपुर यश भारत। शहर में जगह-जगह लोगों की सुविधा के लिए सुलभ इंटरनेशनल द्वारा नगर निगम के सहयोग सुलभ शौचालय स्थापित किए गए। ताकि शहर के नागरिक जरूरत पड़ने पर लघुशंका, दीर्घशंका का निदान कर सकें । सुलभ इंटरनेशनल द्वारा नगर निगम के सहयोग से इन्हें संचालित किया जा रहा है । सुलभ इंटरनेशनल को सरकार द्वारा अनुदान भी दिया जाता है । सुलभ शौचालय में रख रखाव के लिए नाम मात्र शुल्क भी वसूला जाता है। बदले में शौचालय में नागरिकों को साफ सफाई और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। लेकिन मुख्य स्टेशन के समीप स्थित राजा गोकुलदास धर्मशाला के समीप बना सुलभ शौचालय सुलभ न होकर लोगों को परेशान करने वाला शौचालय हैं।
उल्लेखनीय है कि राजा गोकुलदास धर्मशाला में दूसरे शहर से आये लोग ठहरते हैं। जिन्हें स्नान,शौच करने के लिए जाना पड़ता है। जब वे वहां पहुंचते हैं तो खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं।परदेशी होने के कारण उन्हें अन्य स्थानों की जानकारी नहीं होती है।
जहां किफायती दर पर रुक सकें। ऐसे में परदेशियों को मजबूरी में वहां गुजारा करना पड़ता है।भुक्त भोगियों के अनुसार संडास बुरी तरह गंदे और बदबू मारते हैं। उनमें पानी की कोई व्यवस्था भी नहीं है।शौच के लिए बाहर नल से पानी ले जाना पड़ता है। जब तक शौच करते हैं तब तक यही चिंता रहती है कि कहीं कोई आ ना जाए क्योंकि शौचालय के दरवाजे बिना सटकनी के हैं। इसके बाद वहां नियुक्त सफाई संरक्षक दस रुपए वसूलता है। जबकि नियमानुसार शौचालय के लिए पांच रुपए निर्धारित है। कायदे से वहां शौचालय, स्नान की दर स्पष्ट लिखी नजर आना चाहिए। शहर में जो सुलभ शौचालय प्राइम लोकेशन पर हैं वहां स्पष्ट रूप से दरें अंकित होती हैं। साथ में यदि किसी को शिकायत �







