भोपालमध्य प्रदेश

मप्र पुलिस की संवेदनशील पुलिसिंग को राष्ट्रीय पहचान: डीजीपी कैलाश मकवाणा चेंज मेकर अवार्ड से सम्मानित

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मप्र पुलिस की संवेदनशील पुलिसिंग’ को राष्ट्रीय पहचान: डीजीपी कैलाश मकवाणा चेंज मेकर अवार्ड से सम्मानित

मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस का मॉडल देश के लिए बना मिसाल

भोपाल, यशभारत। मध्यप्रदेश पुलिस के बेड़े में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देने वाले दूरगामी प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा को मध्यप्रदेश पुलिस में किए गए नवाचारों के लिए प्रतिष्ठित प्रथम हार्टफुलनेस चेंज मेकर अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में हार्टफुलनेस संस्था के प्रतिनिधियों और आईजी रुचिवर्धन मिश्रा ने संस्था की ओर से डीजीपी मकवाणा को यह सम्मान भेंट किया। गौरतलब है कि इस पुरस्कार की घोषणा 21 दिसंबर को हैदराबाद के कान्हा शांतिवनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में देश के माननीय उपराष्ट्रपति की उपस्थिति में की गई थी।

भीतर से मजबूत पुलिसकर्मी ही बेहतर रक्षक: डीजीपी
इस अवसर पर यह रेखांकित किया गया कि प्रभावी पुलिसिंग केवल कानून के कड़े पालन से ही नहीं, बल्कि पुलिसकर्मी के मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता से भी आती है। डीजीपी मकवाणा के नेतृत्व में वर्ष 2022 से पुलिस बल में ‘हार्टफुलनेस मेडिटेशन’ की शुरुआत की गई थी, जिसे फरवरी 2025 में एक औपचारिक अनुबंध (MoU) के जरिए प्रदेश स्तर पर और मजबूती दी गई।

1000 प्रशिक्षक बदल रहे हैं पुलिस का चेहरा
वर्तमान में मध्यप्रदेश के सभी पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में नव-आरक्षकों के लिए नियमित ध्यान सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग के पास वर्तमान में लगभग 1000 प्रशिक्षित प्रशिक्षक हैं, जो पुलिसकर्मियों को तनाव मुक्त रहने और बेहतर निर्णय लेने में मदद कर रहे हैं। इन प्रयासों के चलते पुलिस की छवि जनता के बीच अधिक भरोसेमंद और संवेदनशील बनकर उभरी है।

देश का अनुकरणीय मॉडल
आईजी प्रशासन रुचिवर्धन मिश्रा ने बताया कि योग और ध्यान पर आधारित यह पहल देश की अग्रणी पहलों में से एक है। हार्टफुलनेस संस्था ने भी मप्र पुलिस के इस दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि मकवाणा के नेतृत्व में पुलिसिंग को मानवीय मूल्यों और करुणा से जोड़ा गया है, जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल साबित होगा।

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