MP कैबिनेट के बड़े फैसले: गेहूं और उड़द पर बोनस का एलान, 4800 से ज्यादा युवाओं को मिलेगा सुशासन इंटर्नशिप का मौका

MP कैबिनेट के बड़े फैसले: गेहूं और उड़द पर बोनस का एलान, 4800 से ज्यादा युवाओं को मिलेगा सुशासन इंटर्नशिप का मौका
भोपाल, यशभारत। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक कई मायनों में ऐतिहासिक रही। वंदे मातरम के गान के साथ शुरू हुई इस बैठक में सरकार ने किसानों, युवाओं और ग्रामीण परिवारों के लिए खजाना खोल दिया है। बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री चेतन कश्यप ने बताया कि सरकार ने सुशासन और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ठोस नीतिगत निर्णय लिए हैं।
किसानों को बड़ी सौगात: गेहूं और उड़द पर अतिरिक्त बोनस
किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य सरकार ने गेहूं के उपार्जन पर 40 रुपये प्रति क्विंटल का राज्य बोनस देने का निर्णय लिया है। अब केंद्र के MSP (2585 रुपये) के साथ मिलाकर मध्य प्रदेश में गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी। इसके साथ ही उड़द उत्पादक किसानों को भी राहत देते हुए 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने की मंजूरी दी गई है।
CM यंग इंटर्न्स स्कीम: सुशासन से जुड़ेंगे 4860 युवा
युवाओं को प्रशासन की बारीकियों से जोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम’ (CMYIGGP) को लॉन्च किया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित लगभग 4860 युवा एक वर्ष के लिए अनुबंध पर रहेंगे और जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी व फीडबैक का काम करेंगे।
स्वामित्व योजना: 46 लाख परिवारों को 3000 करोड़ की राहत
ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकाना हक को मजबूत करने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ के तहत चिन्हित 46 लाख परिवारों को बड़ी राहत दी गई है। इन परिवारों की रजिस्ट्री पर लगने वाला स्टांप शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है। इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताते हुए जानकारी दी गई कि जर्मनी द्वारा पचमढ़ी को ‘ग्रीन डेस्टिनेशन’ के रूप में प्रमाणित किया गया है। मैहर, कैमूर और निमरानी के अस्पतालों में बेहतर सुविधाओं के लिए स्टाफ के 51 नए पदों को स्वीकृति दी गई है। सरकार ने 7 विभागों की निरंतर चलने वाली योजनाओं के लिए 33,240 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है।







