भोपाल

मोहन सरकार आज लेगी 4800 करोड़ का कर्ज 

मोहन सरकार आज लेगी 4800 करोड़ का कर्ज
भोपाल। प्रदेश सरकार एक बार फिर से कर्ज लेने जा रही है। इस कर्ज की राशि 4800 करोड़ रुपए है। यह कर्ज निजी क्षेत्र से लिया जाएगा। प्राप्त जानकारी। मध्य प्रदेश पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में अनेकों योजनाएं संचालित है जिनमें सबसे अहम योजना लाडली लक्ष्मी योजना है। इस योजना की पूर्ति के लिए हर मां सरकार को लगभग 12 सौ करोड़ रुपए का भुगतान करना होता है। सरकार पहले से ही कर्ज में डूबी है। अभी तक प्रदेश सरकार पर निजी और सहकारिता सहित अन्य क्षेत्र से लगभग 4 लाख करोड़ कर्ज ले चुकी है। अभी इस महीना लाडली लक्ष्मी बहाना योजना का भुगतान 10 तारीख को करना है। जिसके लिए सरकार के पास कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए यह 48 सौ करोड़ ककड़ी लेने जा रही। जिससे लाडली लक्ष्मी योजना के साथ ही अन्य विकास कार्यों का भुगतान भी किया जा जा सके ।
गौरतलब है कि बीते माह भी सरकार ने नए वित्त वर्रूा में दूसरी बार 4500 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह कर्ज 2000 करोड़ और 2500 करोड़ रुपए का था। इसके पहले मई में ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए गए थे। इस तरह चालू वित्त वर्ष में सरकार पर कर्ज की राशि 14300 करोड़ रुपए हो जाएगी। सरकार कर्ज की इस राशि से विकास कार्य कराने के साथ कर्मचारियों के महंगाई भत्ते, लाड़ली बहना योजना की किस्तें जमा करने और बारिश के पहले निर्माण संबंधी कामों पर आए खर्च का भुगतान करेगी। नए वित्त वर्ष में अप्रैल का महीना छोडऩे के बाद हर महीने फिर कर्ज लिए जाने का सिलसिला जारी है।
7 मई को लिया था 5 हजार करोड़ का कर्ज :
मोहन यादव सरकार ने इसके पहले 7 मई को दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए हैं। मई में ढाई हजार करोड़ का पहला कर्ज 12 साल के लिए सात मई को लिया गया था जिसका ब्याज सात मई 2037 तक के लिए चुकाना है। इसी तरह ढाई हजार करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज सात मई को ही 14 साल के लिए लिया गया है। जिसकी भरपाई सात मई 2039 तक ब्याज के रूप में होगी। रेवेन्यू सरप्लस बताया सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ था जबकि खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है।

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