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लापता अर्चना की ग्वालियर के भंवरपुर थाने में पदस्थ आरक्षक से फोन पर हो रही थी बात

लापता अर्चना की ग्वालियर के भंवरपुर थाने में पदस्थ आरक्षक से फोन पर हो रही थी बात
– जीआरपी ने आरक्षक राम तोमर को लिया हिरासत में
– परिजनों ने मामले को मानव तस्करी से जुड़ा बताया, सीएम से की सीबीआई जांच की मांग
भोपाल यशभारत। रानी कमलापति स्टेशन से 7 अगस्त को रहस्मयी ढंग से लापता हुई कटनी निवासी अर्चना तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सीबीआई जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि अर्चना की गुमशुदगी का मामला मानव तस्करी से जुड़ा है। वहीं जीआरपी ने ग्वालियर के भंवपुर थाने में पदस्थ आरक्षक राम तोमर को हिरासत में लिया है। अर्चना की जिस नंबर पर लगातार बात हो रही थी वह आरक्षक राम तोमर का निकला है। आरक्षक राम तोमर ने अर्चना का ट्रेन टिकट बुक कराया था जो इंदौर से ग्वालियर तक का था।
अर्चना के बड़े पापा प्रकाश तिवारी का कहना है कि 12 दिन बीतने के बाद भी अर्चना का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है मामले की जांच सीबीआई से कराई चाहिए, वहीं चाचा राजू तिवारी ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्ताक्षेप कर जांच कराने की मांग की है।
अर्चना की आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन पर रात 10.16 बजे के आसपास मिली थी, और कुछ यात्रियों के अनुसार, वह नर्मदापुरम तक ट्रेन में थी। पुलिस ने 97 सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन धुंधले फुटेज के कारण कोई ठोस सुराग नहीं मिला। अर्चना का बैग उमरिया स्टेशन से बरामद हुआ, जिसमें राखी, मिठाई, और कुछ निजी सामान था। जीआरपी ने पूरे देश में सर्च ऑर्डर जारी किया है।
घर में कराई जा रही पूजा पाठ
अर्चना की सकुशल घर वापसी के लिए घर में महामृत्युंजय मंत्र का जाप लगातार करा रहे हैं। भगवान से आस लगाए बैठे हैं कि अर्चना सही सलामत घर वापस लौट आए। अर्चना रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए इंदौर के हॉस्टल से कटनी आ रही थी, लेकिन भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से वह अचानक लापता हो गई, जिसकी गुमशुदगी रिपोर्ट परिजनों ने जीआरपी थाने में दर्ज कराई है।
दुश्मनी के एंगल पर भी जांच कर रही टीम
सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना की गिनती होनहार छात्राओं में होती थी, पढ़ाई में होशियार और स्वभाव से शांत अर्चना की किसी से दुश्मनी तो नहीं थी, जांच अधिकारी इस एंगल पर भी अब काम कर रहे हैं। उसके मोबइल कॉल डिटेल में फिलहाल किसी तरह का संदिग्ध नंबर सामने नहीं आया है। वह जिन जिन लोगों के सपंर्क में थी, जांच टीम सभी लोगों से बात कर चुकी है।
हॉस्टल की सहेलियों से भी की जा रही पूछताछ
हॉस्टल में साथ रहने वाली सहेलियों से भी पूछताछ की जा रही है। जांच के सिलसिले में जीआरपी की एक टीम जबलपुर पहुंची थी। एक छात्रा जबलपुर की भी होना बताई जा रही है। उससे भी फिलहाल कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है। इसके अलावा अर्चना जहां जहां जाती थी वहां भी तस्दीक की जा चुकी है।
कार का रहस्य बरकरार
हॉस्टल के सीसीटीवी में जिस सफेद रंग की कार से अर्चना आती जाती नजर आ रही है उसकी ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है। जीआरपी अमले के पास कार का नंबर उपलब्ध है कार को लेकर कई तरह की जांच अब भी करने की बात जीआरपी अधिकारी कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि इसी कार से कई बार अर्चना आती जाती दिखी है।
इटारसी में फिर देखे गए फुटेज
इटारसी जीआरपी टीआइ संजय चौकसे ने बताया कि मिसिंग पर्सन की खोज के लिए लगातार सर्चिंग की जा रही है। अर्चना तिवारी से संबंधित हर तरह की जनकारी जुटाने के लिए लगातार फुटेज भी देखे जा रहे हैं। जंच अधिकारी फुटेज में यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि अर्चना के आसपास कोई संदिग्ध चेहरा तो नजर नहीं आ रहा है।
सर्चिंग की जा रही है
कटनी निवासी अर्चना तिवारी की खोज के लिए देशभर में अभियान चलाया जा रहा है। जीआरपी की टीम अलग अलग एंगल पर काम कर रही है।
– महेश सोमवंशी, टीआई, जीआरपी

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