मध्य-पूर्व युद्ध का असर गैस संकट की आशंका के बीच

मध्य-पूर्व युद्ध का असर गैस संकट की आशंका के बीच
भोपाल स्टेशन के आईआरसीटीसी फूड प्लाजा पर इलेक्ट्रिक चूल्हे की तैयारी
यश भारत भोपाल। मध्य-पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध को लगभग 13 दिन हो चुके हैं। इस संघर्ष का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश में एलपीजी आपूर्ति पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और कई जगह घरेलू तथा कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। इसी स्थिति को देखते हुए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम आईआरसीटीसी ने अपने फूड प्लाजा और कैटरिंग यूनिट्स को एहतियात के तौर पर गैस के विकल्प तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
आईआरसीटीसी ने निर्देश जारी कर कहा है कि जहां भी संभव हो फूड प्लाजा और स्टॉल पर इलेक्ट्रिक चूल्हों की व्यवस्था की जाए ताकि गैस की संभावित कमी की स्थिति में यात्रियों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित न हो।
भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन एक नंबर प्लेटफॉर्म स्थित आईआरसीटीसी फूड प्लाजा पर व्यवस्था का जायजा लेने पर फिलहाल भोजन की व्यवस्था सुचारू पाई गई। यहां कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं और यात्रियों के लिए नियमित रूप से भोजन तैयार किया जा रहा है। फूड प्लाजा पर यात्रियों को 70 रुपये में थाली उपलब्ध कराई जा रही है, जिसमें दो सब्जी, रोटी, चावल, पापड़ और सलाद शामिल हैं। आईआरसीटीसी फूड प्लाजा के मैनेजर आशुतोष सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यालय से इलेक्ट्रिक चूल्हे की व्यवस्था करने के निर्देश प्राप्त हुए हैं और इसके लिए तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि दो दिनों के भीतर इलेक्ट्रिक चूल्हे को चालू कर दिया जाएगा। फिलहाल गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं और अभी भट्टी पर ही खाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आईआरसीटीसी की ओर से दो गैस सिलेंडर रिजर्व रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। फूड प्लाजा में प्रतिदिन करीब 300 यात्रियों के लिए भोजन तैयार किया जाता है और अभी तक गैस की कोई कमी नहीं है। यदि भविष्य में कोई समस्या आती है तो तुरंत इलेक्ट्रिक चूल्हों के माध्यम से भोजन बनाना शुरू कर दिया जाएगा ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
वहीं भोपाल स्टेशन पर सीसीआई मुख्यालय से आई अधिकारी पुष्पा द्विवेदी ने आईआरसीटीसी के फूड स्टॉल और फूड प्लाजा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि सभी जगह भोजन पर्याप्त मात्रा में तैयार हो रहा है और गैस सिलेंडर के साथ-साथ इलेक्ट्रिक चूल्हों की व्यवस्था भी उपलब्ध है। उन्होंने दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए कि यात्रियों से केवल एमआरपी के अनुसार ही राशि ली जाए। साथ ही भोजन स्वच्छ और साफ-सुथरे वातावरण में तैयार किया जाए तथा किसी भी यात्री को एक्सपायरी या खराब खाद्य सामग्री न दी जाए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने चाय की मात्रा और कीमत की भी जांच की और सभी संचालकों को गुणवत्ता और साफ-सफाई बनाए रखने की हिदायत दी।







