नवाब खानदान की बड़ी कानूनी जीत: 27 साल बाद सैफ अली खान के पक्ष में आया 16 एकड़ जमीन का फैसला

नवाब खानदान की बड़ी कानूनी जीत: 27 साल बाद सैफ अली खान के पक्ष में आया 16 एकड़ जमीन का फैसला
भोपाल, यशभारत। भोपाल रियासत के वारिस और बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के लिए राहत भरी खबर आई है। राजधानी के प्राइम लोकेशन नयापुरा स्थित 16.62 एकड़ की बेशकीमती पुश्तैनी जमीन पर चल रहा ढाई दशक पुराना कानूनी विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। भोपाल की जिला अदालत (चौदहवें अपर सत्र न्यायाधीश संजय अग्रवाल) ने सैफ अली खान, उनकी माता शर्मिला टैगोर और उनकी बहनों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए विपक्षी पक्ष के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
साक्ष्यों के अभाव में ढहा विपक्षी पक्ष का दावा
यह कानूनी लड़ाई साल 1998 में शुरू हुई थी, जब अकील अहमद और उनके साथियों ने जमीन पर अपना हक जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ताओं का दावा था कि साल 1936 में भोपाल के तत्कालीन नवाब हमीदुल्लाह खान ने यह जमीन उनके पूर्वजों को दान में दी थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान विपक्षी पक्ष इस तथाकथित दान (Gift) से संबंधित कोई भी लिखितदस्तावेज या साक्ष्य पेश करने में नाकाम रहा।
राजस्व रिकॉर्ड और कानूनी देरी बनी आधार
पटौदी परिवार के अधिवक्ता सैयद फैजान हुसैन ने अदालत में दलील दी कि सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि हमेशा से नवाब परिवार के नाम ही दर्ज रही है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि विपक्षी पक्ष की याचिका न केवल सबूतों के अभाव में कमजोर है, बल्कि इसे दाखिल करने में भी कानूनन काफी देरी की गई थी (Limitation Act)।
करोड़ों की है यह जमीनी रियासत
नयापुरा क्षेत्र की यह 16.62 एकड़ जमीन वर्तमान में भोपाल के सबसे महंगे इलाकों में शुमार है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, इस जमीन की बाजार कीमत अरबों में है। इस फैसले के बाद अब इस जमीन के मालिकाना हक को लेकर चली आ रही कानूनी उलझनें पूरी तरह समाप्त हो गई हैं।
विवादों से घिरी रही है नवाबों की संपत्ति
गौरतलब है कि भोपाल में नवाब खानदान की कई संपत्तियां शत्रु संपत्ति और अन्य कानूनी दांव-पेचों के कारण विवादों में रही हैं। सैफ अली खान और उनका परिवार अक्सर भोपाल प्रवास पर रहता है। इस ताजा फैसले को शहर के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नवाब खानदान की एक बड़ी कानूनी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।







