पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला: रात में बेवजह सफर पर रोक

पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला: रात में बेवजह सफर पर रोक
चार जवानों की मौत के बाद डीजीपी ने दिए निर्देश, वाहन फिटनेस और बीमा की जांच हुई अनिवार्य
भोपाल, यशभारत। सागर जिले में बालाघाट से आ रहे बीडीएस (बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड) वाहन दुर्घटना में चार पुलिसकर्मियों की मौत के बाद, पुलिस मुख्यालय ने रात्रि में पुलिस वाहनों के अनावश्यक संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य निर्देश और समय सीमा
डीजीपी कैलाश मकवाणा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक की अवधि में अत्यंत आवश्यक कार्यों को छोड़कर यात्रा नहीं कराई जाएगी।
केवल इन कार्यों के लिए मिलेगी अनुमति:
आकस्मिक ड्यूटी
वाहन चेकिंग
तत्काल घटनास्थल पर पहुंचना
सुरक्षा मानकों पर जोर
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने स्पष्ट किया है कि लंबी दूरी की ड्यूटी पर जाने से पहले वाहन की फिटनेस और बीमा की स्थिति की अनिवार्य रूप से जांच की जाए। सागर हादसे के बाद जांच में पता चला था कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन की न तो फिटनेस थी और न ही बीमा वैध था। इसके अलावा, डीजीपी ने चालक के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। निर्देश में कहा गया है कि अधिकतर मामलों में दुर्घटनाएं चालक की थकान के कारण होती हैं। इसलिए, चालक को पर्याप्त विश्राम देने के बाद ही वाहन संचालन की अनुमति दी जाए।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
डीजीपी ने आईजी, डीआईजी, एसपी, एएसपी और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने कहा कि पिछली दुर्घटनाओं में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिससे विभाग की छवि भी प्रभावित हुई है। इस नए आदेश का मकसद पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है।







