जन्मदिन से पहले लापता हुई ‘मैगी’, ढूंढकर लाने वाले को मिलेगा 10 हजार का इनाम
शहर भर में लगाए गए पोस्टर

जबलपुर,यशभारत। राइट टाउन क्षेत्र में रहने वाले डॉक्टर परिवार की 9 साल की ल्हासा अप्सो फीमेल डॉगी ‘मैगी’ 19 नवंबर से लापता है. परिवार के अनुसार, मैगी सिर्फ एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि घर की सदस्य और बेटी जैसी थी. उसके गायब होने के बाद से घर में सन्नाटा पसरा हुआ है. परिवार ने शहरभर में गुमशुदगी के पोस्टर लगाते हुए उसे सुरक्षित वापस लाने वाले को 10 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है. इसके साथ ही परिवार ने मदनमहल थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई है.
19 नवंबर को घर से गायब हुई थी ‘मैगी’
19 नवंबर को न जाने कैसे घर का गेट खुला और ‘मैगी’ बाहर निकल गई. जब तक किसी ने ध्यान दिया, वह गली के मोड़ से आगे निकल चुकी थी. परिवार ने आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन कुछ दूरी के बाद उसका पता नहीं चला. यही कारण है कि परिवार ने थक हारकर मदन महल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पोस्टरों के जरिए पूरे शहर से मदद मांगी है. निष्ठा तिवारी कहती हैं कि यदि किसी के पास ‘मैगी’ पहुंच गई है तो वे घबराएं नहीं. परिवार उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं करेगा. बस यह उम्मीद है कि जो भी उसे लेकर आएगा, उसे न केवल इनाम मिलेगा, बल्कि परिवार जीवन भर उसका आभारी रहेगा.
वह सिर्फ डॉग नहीं, हमारी धड़कन
निष्ठा तिवारी बताती हैं कि ‘मैगी’ को वह करीब नौ साल पहले घर लेकर आई थीं. उस समय वह छोटी-सी डेढ़ महीने की थी, जिसे परिवार ने अपनी बच्ची मानकर पाला. समय के साथ ‘मैगी’ घर की सबसे प्यारी सदस्य बन गई. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हर पल वह उनके साथ रहती थी. निष्ठा तिवारी कहती हैं कि वह सिर्फ डॉग नहीं, हमारी धड़कन जैसी थी. उसके बिना घर में अजीब-सी खामोशी छाई हुई है.
‘मैगी’ की कीमत 50 हजार रुपए
ल्हासा अप्सो तिब्बत में पाई जाने वाली एक बहुमूल्य नस्ल है. इनकी ऊंचाई लगभग 1011 इंच और वजन करीब 5.5 से 7 किलो तक होता है. उम्र औसतन 12 से 15 साल तक होती है. बुद्धिमत्ता, सतर्कता और परिवार के प्रति वफादारी इन्हें खास बनाती है. इस नस्ल की कीमत 35 हजार से 50 हजार रुपए तक होती है. इसलिए इन्हें बहुत कीमती भी माना जाता है.







