15 जनवरी से फिर कांपेगा मध्य प्रदेश: पश्चिमी विक्षोभ बढ़ाएगा ठिठुरन, मावठा गिरने के आसार

15 जनवरी से फिर कांपेगा मध्य प्रदेश: पश्चिमी विक्षोभ बढ़ाएगा ठिठुरन, मावठा गिरने के आसार
ग्वालियर-चंबल में पारा 5 डिग्री के नीचे; कोहरे ने थामी ट्रेनों की रफ्तार, मालवा एक्सप्रेस समेत दर्जन भर गाड़ियां लेट
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का दौर फिलहाल थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ‘मावठा’ (बेमौसम बारिश) गिरने की संभावना है। इससे ठिठुरन और बढ़ने के आसार हैं।
ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड में सबसे ज्यादा ठंड
प्रदेश का उत्तरी हिस्सा वर्तमान में बर्फीली हवाओं की चपेट में है। बीती रात करौंदी में न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री और चित्रकूट में 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। ग्वालियर में भी पारा 6.5 डिग्री तक लुढ़क गया है। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री रहा, जबकि इंदौर और जबलपुर में यह 9.5 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया।
ट्रेनें लेट, यात्री परेशान
कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर दिख रहा है। दिल्ली की ओर से आने वाली मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं। दृश्यता कम होने के कारण रेल यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
टूट रहे हैं ठंड के पुराने रिकॉर्ड
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, इस साल ठंड ने कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। भोपाल में भी पिछले 10 साल की तुलना में इस बार ज्यादा ठंड दर्ज की गई है। 15 जनवरी से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादल छाएंगे। 2 से 3 दिनों के भीतर कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे दिन के तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर फिर तेज होगा।
प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में):
करौंदी: 4.7
चित्रकूट: 5.3
नौगांव: 5.5
पचमढ़ी: 5.8
ग्वालियर: 6.5
भोपाल: 10.2







