बर्फीली हवाओं की चपेट में मध्यप्रदेश: इंदौर बड़े शहरों में सबसे ठंडा

बर्फीली हवाओं की चपेट में मध्यप्रदेश: इंदौर बड़े शहरों में सबसे ठंडा
कोहरे और शीतलहर ने थामी रफ्तार, जेट स्ट्रीम के असर से कांपे लोग; 20 जनवरी के बाद बारिश के आसार
भोपाल, यशभारत। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्यप्रदेश को अपनी आगोश में ले लिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा तेजी से लुढ़का है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीती रात शहडोल संभाग का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहाँ न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, मालवा-निमाड़ और बुंदेलखंड के इलाकों में भी ठिठुरन ने बेचैनी बढ़ा दी है।
बड़े शहरों में इंदौर ने दी ग्वालियर को मात
आमतौर पर ग्वालियर को सबसे ठंडा माना जाता है, लेकिन बीती रात बड़े शहरों में इंदौर सबसे सर्द रहा। यहाँ न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी पारा 10 डिग्री के नीचे बना हुआ है। शाजापुर और मंदसौर जैसे जिलों में शीतलहर का असर इतना तीखा है कि लोग दिन में भी अलाव का सहारा ले रहे हैं।
क्यों बढ़ी ठंड? मौसम वैज्ञानिकों का तर्क
मौसम विभाग के अनुसार, वायुमंडल में करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम हवाएं अत्यंत तीव्र गति से बह रही हैं। इन्हीं बर्फीली हवाओं के सीधे प्रवेश से तापमान में यह गिरावट आई है। हालांकि, राहत के आसार अभी कम हैं। 19 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से 20 जनवरी के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश (मावठा) होने की संभावना है।
ट्रेनों और उड़ानों पर ब्रेक
उत्तरी मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल, रीवा और सागर संभाग में सुबह घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी बेहद कम होने के कारण रेल यातायात पर सबसे बुरा असर पड़ा है। मालवा एक्सप्रेस, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं। नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति कोहरे के कारण धीमी रही।







