मप्र के पंचायत सचिवों को सौगात: अब मिलेगा 7वां वेतनमान, 62 वर्ष में होंगे रिटायर

मप्र के पंचायत सचिवों को सौगात: अब मिलेगा 7वां वेतनमान, 62 वर्ष में होंगे रिटायर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत सचिव सम्मेलन में खोला पिटारा; जिला कैडर गठन और अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में भी दी बड़ी राहत
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के हजारों पंचायत सचिवों के हित में ऐतिहासिक घोषणाओं की झड़ी लगा दी है। शुक्रवार को भोपाल के दशहरा मैदान में आयोजित ‘प्रदेश स्तरीय पंचायत सचिव सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए सीएम ने ऐलान किया कि पंचायत सचिवों को अब 7वें वेतनमान का लाभ मिलेगा। साथ ही, उनकी सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) की आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दी गई है।
13 सितंबर 2023 से मिलेगा एरियर का लाभ सम्मेलन में पंचायत सचिवों की वर्षों पुरानी मांगों पर मुहर लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 7वें वेतनमान का लाभ 13 सितंबर 2023 से लागू माना जाएगा। इसके अलावा, सचिवों के लिए जिला कैडर गठित करने की घोषणा भी की गई, जिससे उनके प्रशासनिक कार्यों और पदोन्नति में सुगमता आएगी।
अनुकंपा नियुक्ति और भत्तों पर बड़ी राहत संवेदनशील रुख अपनाते हुए डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर दी जाने वाली 1.5 लाख रुपये की सहायता राशि अब अनुकंपा नियुक्ति मिलने के बाद वापस नहीं ली जाएगी। साथ ही, सचिवों को समय-समय पर विशेष भत्ता भी दिया जाएगा। सीएम ने संकेत दिए कि समयमान वेतनमान और संविलियन की प्रक्रिया के परिणाम भी जल्द ही सामने आएंगे।
गांव की प्रगति से ही देश की समृद्धि: सीएम केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल की मौजूदगी में सीएम ने कहा, “भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांवों की प्रगति के लिए पंचायत सचिवों की भूमिका रीढ़ की हड्डी के समान है। कई बार ग्रामीण अपने परिवार से ज्यादा पंचायत सचिव पर भरोसा करते हैं।” उन्होंने सचिवों से आह्वान किया कि वे ‘वृंदावन ग्राम योजना’ और पंचायत भवनों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।







