जबलपुर: चाँदमारी में हुई 1.15 लाख रुपये की चोरी का खुलासा, एक गिरफ्तार

जबलपुर, पिछले साल नवंबर में चाँदमारी इलाके में हुई एक लाख पंद्रह हजार रुपये की चोरी के मामले में जबलपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया है।
मामले का खुलासा करते हुए थाना घमापुर पुलिस ने बताया कि आवेदिका चित्रा सोनाने, पति स्वर्गीय दीपक सोनाने (उम्र 36 वर्ष), निवासी 1998 पंचशील स्कूल के सामने चाँदमारी, ने 24 नवंबर, 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया था कि 12 नवंबर से 20 नवंबर 2024 के बीच, जब वह अपने पति दीपक सोनाने के इलाज के लिए नागपुर गई हुई थीं, तब अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला तोड़कर एक टीवी, एक लैपटॉप, एक फाइबर केबल मशीन और एक जोड़ी बच्चों की बाली चोरी कर ली थी। कुल मिलाकर 1,15,000 रुपये का सामान चोरी हुआ था।इस रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 772/24, धारा 331(4) और 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस की मुस्तैदी और मुखबिर की सूचना
चोरी के अज्ञात आरोपी की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक जबलपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), और नगर पुलिस अधीक्षक (गोहलपुर) ने थाना घमापुर के अंतर्गत एक विशेष टीम का गठन किया था। इस टीम को अज्ञात आरोपी की तलाश और पतासाजी के लिए उचित दिशा-निर्देश दिए गए।
निर्देशों का पालन करते हुए, टीम ने हर संभव प्रयास किए। संदिग्धों और क्षेत्र के निगरानी बदमाशों से लगातार पूछताछ की गई। इसी दौरान, 15 जून, 2025 को पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि सुदर्शन शिवलानी (पिता सुरेश शिवलानी, उम्र 29 वर्ष, निवासी शुक्ला होटल, चाँदमारी) संदिग्ध सामान बेचने की फिराक में है।
आरोपी गिरफ्तार और सामान बरामद
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सुदर्शन शिवलानी की घेराबंदी कर उसे अभिरक्षा में ले लिया और थाने ले आई। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी सुदर्शन शिवलानी ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी के कब्जे से चोरी हुआ पूरा सामान—एक टीवी, एक लैपटॉप, एक फाइबर केबल मशीन और एक जोड़ी बच्चों की बाली—बरामद कर ली गई, जिसकी कुल कीमत 1,15,000 रुपये है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
सराहनीय भूमिका
इस प्रकरण के खुलासे में निरीक्षक थाना प्रभारी सतीश कुमार अंधवान, प्रधान आरक्षक क्रमांक 1543 प्रेम शंकर त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक क्रमांक 1841 बलराम पांडे, आरक्षक क्रमांक 1210 विजय सिंह, आरक्षक क्रमांक 2641 कृष्ण तिवारी और आरक्षक क्रमांक 895 सूरज मिश्रा की सराहनीय भूमिका रही।







