महाशिवरात्रि पर जबलपुर शिवमय: कचनार सिटी से गुप्तेश्वर धाम तक उमड़ी अपार आस्था
हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजी संस्कारधानी

जबलपुर,यशभारत । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर संस्कारधानी जबलपुर पूरी तरह शिवमय हो उठी। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक और पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
कचनार सिटी स्थित शिव मंदिर में दर्शनों का सिलसिला

कचनार सिटी शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर तड़के से ही लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर में श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ दर्शन के लिए प्रतीक्षा करते नजर आए। यहां खुले आकाश के नीचे स्थापित भगवान शिव की करीब 76 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। ध्यान मुद्रा में विराजमान यह प्रतिमा दक्षिण भारत के कारीगरों द्वारा तीन वर्षों में तैयार की गई थी। निर्माण कार्य वर्ष 2003 में शुरू होकर 2006 में पूर्ण हुआ था। प्रतिमा के समक्ष स्थापित विशाल नंदी की प्रतिमा मंदिर की भव्यता को और बढ़ाती है।
मंदिर परिसर की गुफा संरचना भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रही। यहां 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृतियां स्थापित हैं, जिनमें
सोमनाथ टेम्पल ,महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग ,ओम्कारेश्वर टेम्पल ,काशी विश्वनाथ टेम्पल ,केदारनाथ टेम्पल सहित अन्य ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एक ही स्थान पर संभव हैं।
गुप्तेश्वर महादेव में आस्था की अविरल धारा

वहीं गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, नारियल और पुष्प अर्पित किए। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। मंदिर का इतिहास रामायण काल से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान राम ने यहां प्रवास किया था और शिवलिंग की स्थापना की थी। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, यह धाम रामेश्वरम के उपलिंग स्वरूप के रूप में भी वर्णित है।
महाशिवरात्रि पर शहर के अन्य मंदिरों और घरों में भी विशेष पूजन-अर्चन एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए थे।
पूरे दिन श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और जबलपुर नगरी ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजती रही।







