भोपाल

क्षेत्र के विकास के लिए पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत किया जाना आवश्यक – उप मुख्यमंत्री

क्षेत्र के विकास के लिए पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत किया जाना आवश्यक – उप मुख्यमंत्री

रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव रीवा के समापन दिवस पर पर्यटन विकास के विभिन्न आयामों पर हुई चर्चा

भोपाल यश भारत।

क्षेत्र के विकास के लिए पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत किया जाना आवश्यक है। शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाओं की पूर्ति करते हुए पर्यटन के विकास से रोजगार सृजित होंगे और विन्ध्य उन्नति के शिखर पर होगा। यह बात प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रीवा में आयोजित टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन दिवस पर आयोजित प्रथम सत्र को संबोधित करते हुए कही। ।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पर्यटन में वन्य एवं हेरीटेज विषय पर केंद्रित प्रथम सत्र में कहा कि मध्यप्रदेश में जंगल की अधिकता है। यहाँ टाइगर रिजर्व, वन अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान है। रीवा का सफेद बाघ विश्व प्रसिद्ध है। उन्होंने निवेशकों से आह्वान किया कि रीवा एवं विन्ध्य में पर्यटन की अपार संभावनाओं को दृष्टिगत रख आगे आयें। शासन स्तर से विशिष्ट अनुभव व सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीजनल इन्वेस्टर कॉन्क्लेव की सफलता के बाद सेक्टोरल कॉनक्लेव का आयोजन आरंभ किया है। विन्ध्य से रीजनल पर्यटन कॉन्क्लेव की शुरूआत हुई है। इससे पर्यटन में वृद्धि के साथ सभी हितधारकों में जागरूकता पैदा होगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि ऐसी पारिस्थितिक तंत्र बनाना जहाँ निवेश सुरक्षित हो, प्रक्रिया सुगम हो तथा विकास समावेशी हो।

पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ाने के विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। हेलीसर्विस भी इस दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश उत्तरदायी व सुरक्षित पर्यटन में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने निवेशकों को निवेश के लिये आमंत्रित किया तथा कहा कि प्रदेश सरकार हर संभव मदद के लिये संकल्पित है। प्रमुख सचिव पर्यटन शिवशेखर शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में पुरातत्व संरक्षित है जरूरत है कि इसे संवार कर दुनिया को दिखाया जाय। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के सभी स्तर पर कार्य हो रहे हैं। पर्यटन व संस्कृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मन में बसती है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल रीवा को विकसित व व्यवस्थित करने के लिये अनेक कार्य कर रहे है आने वाले 15 वर्षों में रीवा का बेहतर से बेहतर स्वरूप देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि माँ गंगा से माँ नर्मदा तक थीम पर श्रद्धालुओं को रीवा होकर मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण है।

रीजनल पर्यटन कान्क्लेव के समापन दिवस पर आयोजित तीन सत्रों में समग्र पर्यटन अनुभव विषय पर विस्तार से विचार विमर्श हुआ। राज्य पर्यटन विकास बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी ने अतिथियों को पर्यटन की संभावनाओं से परिचित कराया। समापन दिवस पर आयोजित सत्रों में डेलीगेट्स राकेश माथुर, रिषी सूर्या पुरी, अतुल पाण्डेय, डॉ. अनुपम सहाय, समीर बजाज, रोहित चोपड़ा, अनिल अग्रवाल, सिद्धर्थ जोशी, गजेन्द्र सिंह, अमित दिग्विजय सिंह, महेन्द्र प्रताप सिंह तथा फिल्म कलाकार मुकेश तिवारी ने विचार व्यक्त किए। इस दौरान अतिरिक्त प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

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