इंदौरग्वालियरजबलपुरदेशभोपालमध्य प्रदेशराज्य

आतंकवाद पर भारत का दो-टूक संदेश,न दोहरे मानदंड, न कोई समझौता — पीएम मोदी

नई दिल्ली, यश भारत।

आतंकवाद पर भारत का दो-टूक संदेश,न दोहरे मानदंड, न कोई समझौता — पीएम मोदी

नई दिल्ली, यश भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया की आधिकारिक यात्रा के दौरान आतंकवाद पर भारत के अडिग और स्पष्ट रुख को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर न तो दोहरे मानदंड अपनाए जाएंगे और न ही किसी तरह का समझौता किया जाएगा। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत शांति के हर प्रयास का समर्थन करता है, लेकिन आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति पूरी तरह स्पष्ट, कठोर और बिना किसी शर्त के है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने पुत्रजाया स्थित सेरी परदाना में प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को लेकर व्यापक और सकारात्मक चर्चा हुई।

संयुक्त बयान को भारत–मलेशिया संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इसे इस बात के संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि मलेशिया भारत के साथ अपने द्विपक्षीय रिश्तों को प्राथमिकता दे रहा है। हाल के समय में कश्मीर जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान के प्रति मलेशिया के कथित रुख के बाद यह बयान बदलाव के संकेत देता है, जिससे दोनों देशों के संबंधों में नई मजबूती आने की संभावना जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई दिल्ली और कुआलालंपुर के बीच रणनीतिक विश्वास ही आर्थिक परिवर्तन की कुंजी है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि दोनों देश सुरक्षा सहयोग को और गहरा करेंगे। “हम आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करेंगे, खुफिया जानकारी साझा करेंगे और समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाएंगे। इसके साथ ही रक्षा सहयोग का भी विस्तार किया जाएगा,” पीएम मोदी ने कहा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि एक वैश्विक चुनौती है, जिससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होकर ठोस कदम उठाने होंगे। भारत इस दिशा में अपनी जिम्मेदार और निर्णायक भूमिका निभाता रहेगा।

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ को और मजबूती देने वाली मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और मलेशिया के बीच बढ़ता सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग न केवल दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button