बढ़ती सुस्ती और बिगड़ती डाइट बनी नई पीढ़ी की चुनौती – युवा देर रात जागते, मॉर्निंग वॉक, हेल्दी लाइफस्टाइल से दूर

बढ़ती सुस्ती और बिगड़ती डाइट बनी नई पीढ़ी की चुनौती
– युवा देर रात जागते, मॉर्निंग वॉक, हेल्दी लाइफस्टाइल से दूर
– सुबह की ठंडी हवा और धूप से कट रही दूरी
भोपाल यशभारत। सुबहें अब पहले जैसी ऊर्जा और फुर्ती से भरी नहीं रह गई हैं। यश भारत की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में युवाओं और बुजुर्गों से बातचीत की, जिसमें सामने आया कि मॉर्निंग वॉक की घटती आदत, अनियमित जीवनशैली और मोबाइल पर बढ़ती निर्भरता नई पीढ़ी को सुस्त और थका हुआ बना रही है। बुजुर्गों का कहना है कि पहले सूर्योदय से पहले लोग टहलने निकल जाते थे, लेकिन आज युवा देर रात तक जागते हैं और देर से उठते हैं, जिससे सुबह की ताजगी और स्वास्थ्य लाभ से कट रहे हैं।
वहीं युवाओं का कहना है कि भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित नींद और जंक फूड का अधिक सेवन शरीर और दिमाग दोनों को सुस्त बना रहा है, जिससे पढ़ाई और कामकाज पर भी असर पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, समय पर भोजन और हल्का व्यायाम शरीर को एक्टिव रखने के लिए जरूरी हैं। अधिक तला-भुना, मीठा और पैकेट फूड लेने से मोटापा, थकान और सुस्ती बढ़ती है, जबकि घर का बना ताजा खाना और नियमित मॉर्निंग वॉक नई पीढ़ी को फिट और सक्रिय रख सकते हैं।
लोगों का कहना
एसएम खान का कहना है कि सुबह-सुबह टहलना स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। ठंडी और शुद्ध हवा से मानसिक और शारीरिक विकास होता है। जितना जल्दी उठेंगे, हर क्षेत्र में फायदा मिलेगा, चाहे वह धार्मिक गतिविधि हो या शारीरिक अभ्यास।
पूर्व संयुक्त कलेक्टर पीसी शर्मा का कहना है कि 72 साल की उम्र में भी वे नियमित मॉर्निंग वॉक कर रहे हैं। सुबह 8.30 बजे धूप का समय लेकर टहलने से कई लोगों से मुलाकात और सामाजिक संपर्क बढ़ता है। उन्होंने कहा कि सुबह का समय सक्रिय और व्यवस्थित दिन के लिए बेहद जरूरी है।
निशा शर्मा का कहना है कि सुबह का घूमना स्वास्थ्य के लिए अमृत के समान है। विटामिन डी की कमी आजकल आम समस्या बन गई है और सुबह की धूप इसे पूरा करने का आसान और प्राकृतिक तरीका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सुबह का समय स्वास्थ्य लाभ और ताजगी के लिए जरूर इस्तेमाल करें।
सुस्ती छोडक़र हेल्दी एक्टिव लाइफइस्टाल का संदेश
यश भारत की टीम ने इन संदेशों के जरिए युवाओं और बुजुर्गों दोनों को जागरूक रहने, सुस्ती छोडक़र हेल्दी और एक्टिव लाइफ इस्टाल अपनाने का संदेश दिया। राजधानी में सुबह की सुस्ती को हराकर फिर से ऊर्जा और ताजगी भरने के लिए मॉर्निंग वॉक, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली को अपनाना अब समय की जरूरत बन गई है।
व्यायाम शरीर के लिए जरूरी है
सुबह की सैर या व्यायाम करना शरीर के लिए जरूरी है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए व्यायाम करना चाहिए। सुबह के समय किया गया व्यायाम हमे हमेशा ताजगी का अहसास दिलाता है।
– अब्दुल वहाब कुरैशी, राष्ट्रीय एथलीट
सुबह की सैर करना चाहिए
स्वास्थ्य रहने के लिए सुबह की सैर करना चाहिए। पैदल चलें या फिर दोड़ लगाएं या फिर जिम में व्यायाम करें। अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार व्यायाम की आदत डालनी चाहिए। स्वस्थ्य शरीर ही सबसे बड़ी पूंजी है।
– जितेंद्र सिंह कुशवाह, अध्यक्ष, मप्र बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन







