मिडिल ईस्ट में जंग के बीच IEA का बड़ा कदम: जारी करेगा 40 करोड़ बैरल तेल
भारत को भी मिलेगा फायदा

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच IEA का बड़ा कदम: जारी करेगा 40 करोड़ बैरल तेल
भारत को भी मिलेगा फायदा
अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अपने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आइईए) एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। सूत्रों के अनुसार, आइईए अपने रणनीतिक भंडार से 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने की सिफारिश करेगा।
यह आइईए के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी आपातकालीन रिलीज होगी, जो 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान जारी किए गए 18.27 करोड़ बैरल से दोगुनी से भी अधिक है। यह निर्णय बुधवार को फ्रांस की अध्यक्षता में होने वाली जी-7 नेताओं की बैठक से ठीक पहले लिया गया है।

IEA 40 करोड़ बैरल तेल जारी करेगा
जर्मनी की वित्त मंत्री कैथरीना रीच ने इस आंकड़े की पुष्टि करते हुए कहा कि इसमें जर्मनी 1.95 करोड़ बैरल तेल का योगदान देगा। साथ ही, अमेरिका और जापान की हिस्सेदारी सबसे प्रमुख होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जर्मनी में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। जर्मनी के पास तेल और तेल उत्पादों का कानूनी रूप से निर्धारित भंडार है जो 90 दिनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।आपूर्ति में बाधा और बाजार की आशंकाएं होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर है। हाल ही में अज्ञात मिसाइलों द्वारा तीन और जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिससे संघर्ष की शुरुआत से अब तक कुल 14 जहाज क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के अवरुद्ध होने से प्रतिदिन लगभग दो करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।







