
बिना लोन चुकाए फ्लैट बेच दिए, ICICI होम फाइनेंस को 4.20 करोड़ का चूना,
कबीर रियलिटी के संचालकों पर EOW की FIR
इंदौर। कबीर रियलिटी प्रा. लि. के संचालकों द्वारा बैंक ऋण चुकाए बिना गिरवी संपत्ति पर बने फ्लैट्स बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने जांच के बाद कंपनी के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इस पूरे मामले में ICICI होम फाइनेंस को करीब 4 करोड़ 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
EOW को प्राप्त शिकायत के अनुसार, कबीर रियलिटी प्रा. लि. ने वर्ष 2008 में इंदौर स्थित अग्रवाल एस्टेट, सांघी कॉलोनी के भूखंड क्रमांक–01 को ICICI होम फाइनेंस के पास बंधक रखकर 75 लाख रुपये का ऋण लिया था। इसी बंधक भूमि पर बहुमंजिला इमारत “कबीर मैनोर” का निर्माण किया गया।
आरोप है कि कंपनी के संचालकों ने बैंक को बिना सूचना दिए और बिना ऋण चुकाए ही इमारत में बने सभी फ्लैट्स को अलग-अलग लोगों को बेच दिया। न तो बैंक से एनओसी ली गई और न ही बकाया ऋण की राशि का भुगतान किया गया। परिणामस्वरूप लोन खाता NPA हो गया और वर्तमान में बैंक का लगभग 4.20 करोड़ रुपये बकाया है।
EOW की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को ऋण और बंधक संपत्ति की पूरी जानकारी होने के बावजूद जानबूझकर फ्लैट्स का विक्रय कर अवैध लाभ अर्जित किया गया, जिससे बैंक के साथ-साथ फ्लैट खरीदारों के साथ भी धोखाधड़ी हुई।
आरोपी
मुरतज़ा मलिक, पिता स्व. श्री सिराजुद्दीन मलिक
सलमा बाई, पत्नी स्व. सिराजुद्दीन मलिक
कबीर रियलिटी प्रा. लि. एवं अन्य
EOW ने प्रथम दृष्टया अपराध प्रमाणित पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 409 एवं 120-B भादवि के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में ले लिया है।







