ईदगाह मस्जिद में मोबाइल टावर लगाने पर भारी बवाल, AIMIM ने रुकवाया काम

ईदगाह मस्जिद में मोबाइल टावर लगाने पर भारी बवाल, AIMIM ने रुकवाया काम
वक्फ बोर्ड की मंजूरी के बावजूद विरोध; पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प
भोपाल, यशभारत। राजधानी की ऐतिहासिक ईदगाह मस्जिद की पार्किंग में मोबाइल टावर लगाने को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया और लेबर को वहां से हटा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों और एआईएमआईएम नेताओं के बीच तीखी बहस हुई।
वक्फ की जमीन पर कब्जे का आरोप
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान के नेतृत्व में कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मस्जिद परिसर पहुंचे। खान का आरोप है कि वक्फ की संपत्तियां कौम की अमानत हैं और वे इसकी एक इंच जमीन भी किसी निजी कंपनी के हाथ में नहीं जाने देंगे। उन्होंने कहा, मदरसों, मस्जिदों और कब्रिस्तानों की जमीन की हिफाजत हमारा फर्ज है। वक्फ बोर्ड ने एयरटेल को टावर लगाने का टेंडर देकर गलत मिसाल पेश की है। हम इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
प्रशासन का रुख: अनुमति लेकर हो रहा है काम
दूसरी ओर, शाहजहांनाबाद एसीपी अनिल बाजपेयी ने स्पष्ट किया कि मोबाइल टावर का निर्माण कार्य पूरी तरह कानूनी है। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने इसकी आधिकारिक मंजूरी दी है और सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की कि वैध कार्य को रोकना नियमों का उल्लंघन है।
बिना अनुमति धरने की चेतावनी पर सख्ती
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एसीपी बाजपेयी ने कहा, शहर में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित है। यदि कानून हाथ में लिया गया या शांति भंग करने की कोशिश हुई, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि काम बंद नहीं किया गया तो वे वहीं धरने पर बैठ जाएंगे।







