नगरीय क्षेत्रों में पेड़ काटने की अनुमति अब वन विभाग देगा – रेंजर को बनाया गया वृक्ष अधिकारी, सरकार ने जारी की अधिसूचना

नगरीय क्षेत्रों में पेड़ काटने की अनुमति अब वन विभाग देगा
– रेंजर को बनाया गया वृक्ष अधिकारी, सरकार ने जारी की अधिसूचना
भोपाल, यश भारत । राज्य सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में पेड़ों के संरक्षण और विकास कार्यों के दौरान उनकी कटाई या स्थानांतरण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब शहरों में पेड़ काटने या उन्हें हटाने की अनुमति वन विभाग के अधिकारी देंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
जारी आदेश के अनुसार मध्य प्रदेश वृक्षों का परिरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत वन परिक्षेत्र अधिकारी या परियोजना क्षेत्रपाल को संबंधित क्षेत्र का वृक्ष अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब नगरीय निकायों की सीमा में स्थित वन विभाग की भूमि या वन विकास निगम को हस्तांतरित भूमि पर खड़े पेड़ों को काटने या शिफ्ट करने का निर्णय यही अधिकारी करेंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य शहरों में बढ़ते विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने से पेड़ों की कटाई के मामलों में अधिक निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
अपील के लिए अलग अधिकारी नियुक्त
अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी मामले में वृक्ष अधिकारी के निर्णय से नगरीय निकाय सहमत नहीं होता है, तो उसके लिए अपील की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। ऐसी स्थिति में वन विभाग या वन विकास निगम के सहायक वन संरक्षक संवर्ग के उप वनमंडलाधिकारी अथवा वन विकास निगम के संभागीय प्रबंधक को अपीलीय अधिकारी बनाया गया है।
पहले नगर निकायों के पास था अधिकार
अब तक नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों में उद्यानिकी अधिकारी या संबंधित इंजीनियर पेड़ काटने या हटाने की अनुमति देते थे। नई अधिसूचना लागू होने के बाद यह अधिकार वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगरीय निकायों को विकास कार्यों के दौरान पेड़ हटाने के लिए पहले वन विभाग से अनुमति प्राप्त करनी होगी। सरकार का मानना है कि इससे शहरों में हरित क्षेत्र के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और पेड़ों की अनावश्यक कटाई पर अंकुश लगेगा।







