
उड़ानें रद… अगर लंबा चला मिडिल ईस्ट में तनाव तो क्या होगा भारत पर असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है। ईरान द्वारा होर्मुज जलमार्ग को रोकने से वैश्विक तेल आपूर्ति का 20-25% ह .

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के कारण दुनिया के बड़े हिस्से में कनेक्टिविटी प्रभावित हुई। दुबई, अबु धाबी सहित खाड़ी देशों के कई इंटरनेशल एयरपोर्ट बंद हैं। एअरपोर्ट बंद होने के कारण भारतीय एयरलाइन्स ने भी अपनी कई उड़ानें रद कर दी है।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का गंभीर असर भारत पर पड़ सकता है। शेयर बाजार, पेट्रोल-डीजल से महंगाई तक… आइए जानते हैं अगर मिडिल ईस्ट में यह तनाव लंबा रहा तो भारत पर इसका क्या-क्या असर पड़ सकता है?
33 किमी चौड़ा होमुर्ज
दरअसल, ईरान ने 33 किमी चौड़ा होर्मुज जल मार्ग को रोक दिया है। खाड़ी देशों से आने वाला बड़ा हिस्सा इसी रूट से गुजरता है। होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी के मुहाने पर एक संकरा समुद्री रास्ता है। इसके उत्तरी हिस्से में ईरान और दक्षिण में यएई व ओमान है।







