
नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को 20 साल की कठोर सजा
पीड़िता को मुआवज़ा देने का आदेश
ठाणे, यश भारत । डोंबिवली शहर क्षेत्र में रहने वाले एक 39 वर्षीय व्यक्ति को अपनी ही 15 वर्षीय बेटी के साथ लगातार यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराते हुए कल्याण जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष पोक्सो अदालत ने कठोरतम सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय की न्यायाधीश वर्षाराणी पत्रावळे ने आरोपी पिता को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 28 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि पीड़ित नाबालिग को दी जाए। इसके साथ ही बालिकाओं के लिए लागू सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दिए गए हैं। इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी को कुल पाँच अलग-अलग सजाएँ सुनाई गई हैं।
सरकार की ओर से इस प्रकरण में विशेष सरकारी वकील एडवोकेट कदंबिनी भामरे पाटील और एडवोकेट आर. आर. भोईर ने पैरवी की। यह मामला मानपाडा पुलिस थाना में दर्ज था। प्रकरण की जांच तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक भास्कर सूर्य ने की थी। बीते आठ वर्षों से यह मुकदमा कल्याण जिला एवं सत्र न्यायालय की बाल लैंगिक अपराध विशेष अदालत में लंबित था।
अभियोजन पक्ष की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां का निधन तब हो गया था जब वह मात्र डेढ़ वर्ष की थी। इसके बाद उसका पालन-पोषण उसके नाना ने किया। कई वर्षों तक वह नाना के साथ रही। इस बीच आरोपी पिता ने दूसरा विवाह कर लिया और अलग रहकर डोंबिवली क्षेत्र में रहने लगे। आरोपी पिता अक्सर बेटी से मिलने आता था—इसी दौरान उसने गंभीर अपराध को अंजाम दिया।
पुलिस-न्यायालय समन्वय में हवालदार ए. आर. गोगरकर और प्रवीण दयानंद ने कार्य किया। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीपान शिंदे तथा पुलिस निरीक्षक जयपालसिंह राजपूत ने मामले में मार्गदर्शन किया।







