
महंगे दूध ने रसोई से छीन ली मिठाई की खुशबू
– लोगों ने दीपावली के पहले गुझिया, बर्फी बनाने का छोड़ा ख्याल
भोपाल, यश भारत। दीपावली त्योहार अब नजदीक आ चुका है, लोग अपनी अपनी तैयारियों में जुटे हैं। वहीं दूसरी ओर महंगे हुए दूध ने खानपान के शौकीनों को मायूस कर दिया है। दीपावली के पहले गुझिया, बर्फी सहित अन्य मिठाईयां बनाने की परंपरा रही है। दूध की आसमान छूती कीमतों ने राजधानी निवासियों को मिठाईयों से दूर कर दिया है। बाजारों में रोशनी तो है, पर घरों में बनने वाली मिठाई की खुशबू जैसे गायब हो गई है। दूध के आसमान छूते दाम जो अब 75 से 80 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुके हैं। डेरी वाले भले ही 75 रुपये का भाव बताते हों, लेकिन आधा लीटर लेने पर उपभोक्ता को 40 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
मिठाई बनाने का छोड़ दिया ख्याल
भोपाल के अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, कोलार, ईदगाह हिल्स और टीटी नगर जैसे इलाकों में रहने वाले परिवारों का कहना है कि पहले दीपावली से एक सप्ताह पहले से ही घरों में खोवा बनना शुरू हो जाता था। महिलाएं खीर, गुलाब जामुन और गुझिया बनाने की तैयारी में जुट जाती थीं। लेकिन इस बार दूध की कीमत देखकर मिठाई बनाने का ख्यालय ही छोड़ दिया है। 5 लीटर दूध का खर्च अब 375 से 400 रुपये तक पहुंच गया है यानी पहले जैसी मिठाई बनाने की बात अब लक्जऱी हो गई है।
बाजार की मिठाइयों पर भी भरोसा नहीं
न्यू मार्केट, भेल, बि_न मार्केट, मंडीदीप और 10 नंबर मार्केट जैसे इलाकों में मिठाई की दुकानों पर सजावट तो है, लेकिन ग्राहकों की भीड़ पहले जैसी नहीं दिख रही। दुकानदारों का कहना है कि दूध और खोवे की महंगाई ने मिठाइयों की लागत बढ़ा दी है, जिससे दाम 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े हैं। साथ ही, मिलावटी खोवे के डर से ग्राहक भी संदेह में हैं।
रसोई से गायब हुई खीर और रबड़ी
गृहिणियों का कहना है कि इस बार त्योहार के मेन्यू से खीर, रबड़ी और सेवई जैसी पारंपरिक मिठाइयां गायब हैं। एक गृहिणी अनुभा परसाई ने कहा किइतने महंगे दूध में मिठाई बनाना अब शौक नहीं, खर्चा बन गया है। गृहणी अनीता पांडे का कहना है कि त्योहारों के समय आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण रखना चाहिए।
दूध के दाम आसमान छू रहे
दूध के दाम आसमान छू रहे हैं, लोगों की पहुंच से दूध दूर हो रहा है। महंगे हुए दूध से बनी मिठाईयों के दाम भी बढ़े हैं, इसे लेकर सरकार को ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
– मुकेश नायक, प्रदेश प्रवक्ता, मप्र कांग्रेस
सरकार को सबक ख्याल
प्रदेश सरकार सभी वर्गों का ख्याल रख रही है। खाद्य पदार्थों की कीमतें हर परिवार के मुताबिक हैं।
– गिरीश शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता, भोपाल







