भोपाल

रोजमर्रा के सामान हुए सस्ते, लोगों ने फैसले को बताया राहतभरा 

रोजमर्रा के सामान हुए सस्ते, लोगों ने फैसले को बताया राहतभरा 

– शहर के व्यावसायियों ने यशभारत से चर्चा में दी प्रतिक्रिया 

भोपाल यशभारत। आमजन की जरूरतों से जुड़े कई सामान अब पहले से सस्ते हो गए हैं। इसमें घी, पनीर, मक्खन, सूखे मेवे के साथ-साथ घरेलू इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं भी शामिल हैं। सोमवार को यश भारत टीम ने बाजार में जाकर लोगों से चर्चा की तो उन्होंने इस फैसले को आम जनता के लिए बड़ी राहत बताया। रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं के दाम कम होने से घरेलू बजट संभालना आसान हो गया है। लोगों का मानना है कि कर में राहत देकर सरकार ने उपभोक्ताओं के बजट को संतुलित करने में मदद की है। रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं के दाम कम होने से मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ घटा है। बाजार में रौनक बढ़ी है और बिक्री में तेजी देखी जा रही है।
जीएसटी क्या है
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई 2017 से लागू हुआ था। यह एक अप्रत्यक्ष कर है, जो देशभर में एक समान है। पहले अलग-अलग कर जैसे वैट, सेवा कर, एक्साइज आदि अलग-अलग राज्य और केंद्र द्वारा वसूले जाते थे। जीएसटी लागू होने के बाद एक ही कर प्रणाली बनी, जिससे वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरें तय और पारदर्शी हो गईं। समय-समय पर जीएसटी परिषद विभिन्न वस्तुओं पर दरों में बदलाव करती है। हाल ही में परिषद ने कई वस्तुओं पर कर घटाया, जिससे घी, पनीर, मक्खन, सूखे मेवे और कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते हुए हैं।
प्रभात सिंह, सेल्स मैन – घी, पनीर, मक्खन जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों पर दाम घटने से ग्राहकों की खरीद बढ़ी है। उन्होंने कहा जीएसटी की दरें कम होने से सीधा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। पहले ग्राहकों को ये चीजें महंगी लगती थीं, अब उनकी पहुंच में आ गई हैं।
देवी दास आहूजा व्यवसायी – मेवे और डेयरी उत्पाद के दाम बहुत ज्यादा थे, अब कम होने से लोगों को राहत मिली है। जीएसटी की वजह से कर प्रणाली आसान हुई है, पर जरूरत है कि आम जरूरत की सभी वस्तुओं पर कर दरें और घटें।
अभिषेक सिंह व्यवसायी – इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दाम गिरने से मध्यमवर्गीय परिवार भी अब अच्छे उपकरण खरीद सकेंगे। टीवी, मिक्सर-ग्राइंडर, वॉशिंग मशीन जैसे उपकरण पहले महंगे थे। अब कीमतें कम होने से नए उपकरण खरीदने की योजना बनाई है।
लक्ष्मण दास बिजलानी व्यवसायी – लक्ष्मण दास बिजलानी ने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम कम होना हर वर्ग के लिए राहत है। सरकार अगर जीएसटी की दरें और कम करे तो और भी जरूरी सामान सस्ते हो सकते हैं।

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