बिना बीमा वाहन चलाया तो बड़ा नुकसान: एमपी में 8 लाख हादसों के बाद पीटीआरआई ने जारी की अहम एडवायजरी

बिना बीमा वाहन चलाया तो बड़ा नुकसान: एमपी में 8 लाख हादसों के बाद पीटीआरआई ने जारी की अहम एडवायजरी
भोपाल, यशभारत। मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों और बिना बीमा वाले वाहनों की बड़ी संख्या के कारण, पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट (पीटीआरआई) ने वाहन चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवायजरी जारी की है। इस एडवायजरी में थर्ड पार्टी बीमा को अनिवार्य बताते हुए, इसे न लेने पर होने वाले गंभीर आर्थिक जोखिमों और कानूनी जटिलताओं के प्रति आगाह किया गया है।
बिना बीमा पर 20 लाख तक का मुआवजा चुकाने का जोखिम
जारी एडवायजरी के अनुसार, सड़क हादसे में बिना बीमा के पाए जाने पर, घायल व्यक्ति के इलाज, क्षतिपूर्ति और वाहनों की मरम्मत का पूरा खर्च अकेले वाहन मालिक पर आ जाता है। पीटीआरआई ने चेताया है कि गंभीर हादसों में यह मुआवजा 5 लाख से 20 लाख रुपए तक हो सकता है। वर्ष 2023 में प्रदेश में हुए करीब 8 लाख सड़क हादसों में 4 लाख लोग घायल हुए, जबकि 1.72 लाख लोगों की जान चली गई। बड़ी संख्या में ये हादसे बिना बीमा वाले वाहनों से हुए थे।
कानूनी प्रावधान और जुर्माना
मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 146 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है। इसका उल्लंघन करने पर धारा 196 के तहत भारी जुर्माना लगाया जाता है:
दोपहिया: 1,000 जुर्माना, हल्के वाहन: 3,000 जुर्माना, मध्यम/भारी वाहन: 5,000 जुर्माना
पीटीआरआई ने कहा है कि बीमा न होने पर लंबे मुकदमों और कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ता है।
बीमा है आर्थिक सुरक्षा कवच
पीटीआरआई ने वाहन मालिकों को यह समझाने की कोशिश की है कि सड़क हादसे में बीमा एक आर्थिक सुरक्षा और कानूनी संरक्षण देता है। बीमा कंपनी थर्ड पार्टी नुकसान, उपचार और मरम्मत का खर्च वहन करती है, जिससे मालिक वित्तीय संकट से बच जाता है।
दुर्घटना होने पर पीड़ित द्वारा मांगे जाने पर बीमा दस्तावेज दें। अगर पुलिस मौजूद न हो, तो घटना की सूचना निकटतम थाने में 24 घंटे के भीतर दें।







