देश भर के चिकित्सक करेंगे बीमारियों के इलाज पर मंथन – गांधी मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई तीन दिवसीय कार्यशाला

देश भर के चिकित्सक करेंगे बीमारियों के इलाज पर मंथन
– गांधी मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई तीन दिवसीय कार्यशाला
भोपाल यशभारत। गांधी मेडिकल कॉलेज में देश भर के चिकित्सक तीन दिनों तक बीमारियों के होने के पीछे का कारण जानेंगे और उनके बेहतर इलाज के तरीके को भी खोजेंगे। जीएमसी की मल्टीडिस्पिलनरी रिसर्च यूनिट द्वारा कार्यशाला का आयोजन 25 जून से 27 जून तक किया जा रहा है। कार्यशाला में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुंधान परिषद पुणे और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ ही अन्य विशेषज्ञ, शोधकर्ता और संस्थान के 34 प्रतिनिधि शामिल हुए। बुधवार को कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ।
गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ कविता एन सिंह ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को उचित उपचार और बीमारियों के बारे में सोचने और विचार करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। कई तरह की नई बीमारियां, महामारी, स्वास्थ्य चुनौतियां हमारे सामने खड़ी हैं, यह जरूरी है कि डॉक्टर सिर्फ इलाज ही नहीं बल्कि समस्या की जड़ में जाकर हल खोजें। सिंह के मुताबिक कार्यशाला में प्रदेश और देश के स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक नोडल अधिकारी डॉ. अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि डॉक्टरों के पास बहुत अनुभव होता है। अगर उसे शोध का रूप दिया जाए तो समाज के लिए बहुत बड़ा योगदान बन सकता है।
कार्यशाला में यह दी जाएगी जानकारी
– मेडिकल फैकल्टी में हेल्थ रिसर्च की मूलभूत समझ विकसित करना
– अच्छा रिसर्च सवाल बनाना और उचित स्टडी डिजाइन तय करना
– प्रपोजल लिखना और फंडिंग के लिए आवेदन करना सिखाना
– अस्पताल व सामुदायिक डेटा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना
– विभिन्न कॉलेजों और विभागें के बीच रिसर्च सहयोग को बढ़ाना
तीन दिन तक चलेगी कार्यशाला
गांधी मेडिकल कॉलेज में कार्यशाला का आयोजन तीन दिनों तक चलेगा।
25 जून – रिसर्च विचार कैसे लाएं प्रस्ताव कैसे तैयार करें पर चर्चा की जाएगी। ग्रांट रिव्यू प्रक्रिया की जानकारी साझा की जाएगी। फंडिंग स्त्रोतों की जानकारी और रिसर्च पर सवाल बनाना सिखाया जाएगा।
26 जून को रिसर्च पेपर लिखने का तरीका बताया जाएगा। साथ ही बजट बनाने की जानकारी दी जाएगी। नैतिकता और पेटेंट की जानकारी के साथ ही हॉस्पिटल डेटा का रिसर्च उपयोग बताया जाएगा।
27 जून को स्टडी डिजाइन बनाने के बारे में बताया जाएगा। साथ ही आईसीएमआर की मेडकटेक योजना बताई जाएगी। सांख्यिकी टेस्ट की समझ विकसित की जाएगी। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे।






