हॉस्पिटल में डॉक्टर अवकाश में , मेडिकल रिकॉर्ड में मिले हस्ताक्षर मार्बल सिटी अस्पताल का फर्जीवाड़ा
Doctors are on leave in the hospital, signatures found in medical records, Marble City Hospital is a fraud

हॉस्पिटल में डॉक्टर अवकाश में , मेडिकल रिकॉर्ड में मिले हस्ताक्षर
मार्बल सिटी अस्पताल का फर्जीवाड़ा
जबलपुर। शहर के नामचीन हॉस्पिटल मार्बल सिटी में महिला मरीज की मौत और डॉक्टर की जालसाजी उजागर होने के बाद नित नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे फर्जीवाड़े से जुड़े नए खुलासे हो रहे हैं। हॉस्पिटल में जो डॉक्टर अवकाश में थी उसके मेडिकल रिकॉर्ड में हस्ताक्षर मिले हैं। इसके अलावा मरीज के मृत्यु प्रमाणपत्र भी में छुट्टी पर रही डॉक्टर के ही हस्ताक्षर है। मनोज महावर ने शिकायत में बताया है कि अस्पताल की डॉकटर से उन्होंने इलाज के दौरान संपर्क किया थो उन्होंने बताया कि वे दो सितम्बर को छुट्टी पर है जिसके स्क्रनी शॉर्ट उन्होंने ले लिए थे। लेकिन जब दस्तावेज देखे तो उसमें अवकाश पर रही डॉक्टर के हस्ताक्षर थे। इसके साथ ही रिकॉर्ड में अनेक हेराफेरी भी मिली। मृतिका के पुत्र ने नर्सिंग स्टॉफ रोशनी सोनी, रोशनी मोर्य, दीपक शुक्ला, संजय नागराज, रोशनी पांडे पर गड़बड़झाला करने के आरोप लगाते हुए इसकी शिकायतें की हैं।
विदित हो कि मनोज कुमार महावर पिता जगनलाल महावर 36 वर्ष निवासी डीरेल सौरभ आफीसर की मां शांति देवी को 1 सितम्बर 24 को बुखार और सांस लेने मेंं तकलीफ शिकायत हुई थी जिन्हें मार्बल सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 2 सितम्बर 24 को मौत हो गई थी। जब बेटे ने मेडिकल रिकॉर्ड देखे तो उसमें आईसीयू में उनकी मां डॉ बृजराल उइके की निगरानी मेेंं होने की बात सामने आई थी छानबीन में पता चला कि मार्बल सिटी अस्पताल के आइसीयू में सेवा दे रहा सतेन्द्र ने स्कूल में साथ पढऩे वाले ब्रजलाल उइके की 12वीं कक्षा की अंकसूची पर अपना फोटो चिपकाकर एमबीबीएस में प्रवेश लिया था।
डॉक्टर विजिट के नाम पर भी वसूली
मार्बल अस्पताल में डॉक्टरों के विजिट पर भी वसूली उजागर हुई है। सूत्रों की माने तो मनोज ने मां की मौत के बाद स्वस्थ्य विभाग से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय और रेल्वे में भी शिकायत की थी। स्वास्थ्य विभाग ने जांच में क्लीन चिट दे दी थी लेकिन जब रेल्वे कोटा द्वारा जांच की गई तो गड़बडिय़ां सामने आई। इसके अलावा जिस डॉक्टर ने छुट्टी रही उस डॉक्टर की भी बिल में फीस जोड़ी गई। मनोज ने मां को पहले रेल्वे अस्पताल में भर्ती कराया था इसके बाद मार्बल में भर्ती कराया था। मरीज की मौत के बाद मनोज ने रेल्वे से जांच कराई। जिसके बाद रेल्वे ने मार्बल से इलाज संबंधित ब्यौरा मांगा था। जिसमेंं गड़बडिय़ां सामने आई।
प्रयागराज-कटनी से काला चिट्टा जुटाया
शहर के नामचीन हॉस्पिटल मार्बल सिटी में सेवाएं दे रहे जाली डॉक्टर सतेन्द्र का पुलिस ने प्रयागराज और कटनी में जांच पड़ताल करने के बाद काला चिट़ठा जुटा लिया है। बृजराल के दस्तावेज से सतेन्द्र ने ढेरों फर्जीवाड़े किए है। पुलिस ने जहां से दोनों ने पढ़ाई की है वहां से भी टीम ने अहम दस्तावेज जुटाए है।






