अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर जबलपुर में खुलासा: नशीले इंजेक्शन से HIV की चपेट में आ रहे युवा

जबलपुर: अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर जबलपुर से एक बेहद alarming खबर सामने आई है। शहर में नशीले इंजेक्शनों का सेवन करने वाले युवाओं में HIV संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। यह चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब बड़ी संख्या में ऐसे युवा इलाज के लिए जिला अस्पताल स्थित ओएसटी (ओपीऑयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी) केंद्र पहुंचने लगे। चिकित्सकों का मानना है कि नशा करते समय सिरिंज और निडिल के साझा उपयोग ही इन युवाओं में HIV संक्रमण का मुख्य कारण बन रहा है।
ओएसटी केंद्रों पर बढ़ते मामले और HIV संक्रमण का कहर
जिला अस्पताल के ओएसटी सेंटर में वर्तमान में करीब 600 मरीज पंजीकृत हैं, जो नशा छोड़ने के लिए उपचार ले रहे हैं। इनमें से 40 युवा ऐसे हैं जो नशीले इंजेक्शन के कारण HIV संक्रमण का शिकार होकर इलाज के लिए पहुंचे हैं।
इन युवाओं का इलाज विक्टोरिया अस्पताल के ओएसटी सेंटर और मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) सेंटर में किया जा रहा है। विक्टोरिया अस्पताल के ओएसटी सेंटर में रोजाना 170 से 200 लोगों को नशीले इंजेक्शन की लत छुड़ाने के लिए दवाएं दी जाती हैं। यह आंकड़ा शहर में नशे की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
अवैध बिक्री बनी जानलेवा, समाज के लिए नई चुनौती
ओएसटी केंद्रों में लगातार आ रहे नए मामले इस बात की पुष्टि करते हैं कि शहर में नशीले इंजेक्शनों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से जारी है। इसी के चलते युवा इस जानलेवा लत की चपेट में आ रहे हैं और अनजाने में खुद को HIV जैसे गंभीर संक्रमण के जोखिम में डाल रहे हैं। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। इस समस्या पर अंकुश लगाने और युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य एजेंसियों को मिलकर ठोस और प्रभावी कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है।







