भोपाल में एसआईआर के नाम पर साइबर ठगी का रैकेट

भोपाल में एसआईआर के नाम पर साइबर ठगी का रैकेट
ओटीपी मांगकर बैंक खाते खाली,सरकारी दिखने वाले नामों का दुरुपयोग
भोपाल, यशभारत। राजधानी में साइबर अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। अब जालसाजों ने लोगों को धोखा देने के लिए एक नया और परिष्कृत तरीका अपनाया है—वह है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के नाम का दुरुपयोग कर रहे । भोपाल साइबर पुलिस ने इस संबंध में एक तत्काल एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है।
लाखों की चपत, ओटीपी बना हथियार
साइबर अपराधी सरकारी दिखने वाले लोगो और नामों का इस्तेमाल कर लोगों को फोन करते हैं। उनका मुख्य निशाना उन नागरिकों को भ्रमित करना है जिन्हें एसआईआर से संबंधित किसी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है। ठग कॉल करके बताते हैं कि एसआईआर फॉर्म को पूरा करने के लिए उन्हें आपके मोबाइल पर भेजा गया वन-टाइम पासवर्ड चाहिए। जैसे ही कोई व्यक्ति यह ओटीपी करता है, अपराधी तुरंत बैंक खाते से लाखों की रकम ट्रांसफर कर लेते हैं।
साइबर पुलिस ने चेतावनी दी है कि जालसाज एसआईआर एप्प एक फर्जी फ़ाइल भी इंस्टॉल करवाते हैं। यह मालवेयर आपके मोबाइल से गोपनीय जानकारी जैसे कि कॉन्टैक्ट्स, तस्वीरें, मैसेज और सबसे महत्वपूर्ण, बैंकिंग क्रेडेंशियल्स चुरा सकता है।
भोपाल साइबर पुलिस ने बताया, “हमने पाया है कि अपराधी लोगों को झांसे में लेने के लिए सरकारी प्रक्रिया का बहाना बना रहे हैं। हमारी सलाह स्पष्ट है: कोई भी सरकारी एजेंसी या बैंक कभी भी फोन, वाट्सएप्प या एसएमएस पर ओटीपी या पिन नहीं मांगता है।”SP सिंह ने आगे कहा, “किसी भी अनजान व्यक्ति को कोई भी कोड, पिन या बैंक संबंधी जानकारी न दें। अगर कोई एसआईआर फॉर्म की बात करता है, तो सीधे संबंधित कार्यालय या अपने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) से ही संपर्क करें। किसी भी अनजान एप्प फाइल को डाउनलोड करना आपके डिजिटल जीवन के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
साइबर सुरक्षा के लिए उपाय
एसआईआर या सरकारी काम के लिए हमेशा आधिकारिक कार्यालय या बीएलओ से ही बात करें।ओटीपी शेयर न करें: अनजान कॉलर को ओटीपी, पीन या पासवर्ड कभी न दें।कॉल काट दें: यदि कोई भी व्यक्ति वित्तीय जानकारी या ओटीपी मांगे, तो तुरंत कॉल काट दें।Sएसआईआर एप्प इंस्टॉल न करें: किसी भी अनजान या संदिग्ध एप्प फाइल को मोबाइल में डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।







