
मुंबई, यश भारत।
दहशतवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के प्रमुख अधिकारी के नाम का दुरुपयोग कर एक साइबर ठग ने एक वृद्ध व्यक्ति से 33 लाख 50 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपी ने पाकिस्तानी बैंक खाते में बड़ी रकम जमा होने का झांसा देकर पीड़ित को डराया और पैसे वसूल लिए। इस मामले में मध्य प्रादेशिक साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित व्यक्ति मुंबई के कालाचौकी क्षेत्र में रहते हैं और एक मिल से सेवानिवृत्त हैं। दिसंबर माह में उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करनेवाले ने खुद को शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन का अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर दो फर्जी आधार कार्ड बनाए गए हैं और एक बैंक खाते में कुल 7 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। उसने यह भी दावा किया कि यह राशि कमीशन के रूप में प्राप्त हुई है और मामले की जांच के लिए उसने उन्हें पुलिस स्टेशन आने को कहा।
गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगी
कुछ समय बाद ठग ने फिर संपर्क कर उन्हें गिरफ्तारी का भय दिखाया और उनके बैंक खाते की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद एक अन्य व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम बताते हुए कुछ तथाकथित गोपनीय दस्तावेज भेजे और उन्हें पढ़ने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बाद में पीड़ित को वीडियो कॉल किया गया। कॉल करनेवाले ने खुद को एटीएस का वरिष्ठ अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि संबंधित बैंक खाते में पाकिस्तान से 70 मिलियन डॉलर जमा हुए हैं और इस कारण उन्हें देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मामले से बचाने के नाम पर आरोपी ने उनसे पैसे की मांग की। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ठग ने चरणबद्ध तरीके से पीड़ित से 33 लाख 50 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और अपनी बैंक या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। संदिग्ध कॉल मिलने पर तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करें।







