कॉफी हाउस में इंडक्शन में पक रहा है डोसा,कमर्शियल गैस की किल्लत से स्वादिष्ट व्यंजनों का कारोबार हुआ ठप्प
पहली बार देखी ऐसी स्थिति

जबलपुर, यशभारत । शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किद्युत से खाने-पीने के कारोबार पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गैस सप्लाई ठप होने के कारण पास्ट पूड सेंटर, चाय-नाश्ते की दुकानें और छोटे भोजनालय बंद होने लगे हैं। कई होटल-रेस्टोरेंट भी सीमित व्यवस्था के साथ काम चला रहे हैं। सिविक सेंटर, पुराना बस स्टैंड, सिविल लाइन और बड़ा फुहारा बाजार जैसे व्यस्त इलाकों में गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कई दुकानों पर ताले लग चुके हैं, जबकि जो दुकानें खुली हैं वे भी जल्द बंद होने की कगार पर हैं। कमर्शियल गैस की कमी का असर अब आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। हालात यह हैं कि गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। वहीं, बाजार में फैली अफवाहों से घरेलू गैस उपभोक्ताओं में भी चिंता बढ़ गई है।

इंडक्शन और भट्टी के सहारे चल रहा काम
कमर्शियल गैस की कमी का असर शहर के विभिन्न स्थानों पर संचालित इंडियन कॉफी हाउस पर भी पड़ा है। स्थिति यह है कि गैस चूल्हों की जगह अब इंडक्शन और तंदूर भट्टी पर डोसा और इडली तैयार की जा रही है। कॉफी हाउस प्रबंधन के अनुसार पिछले पांच दिनों से कमर्शियल गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। गैस एजेंसियों का कहना है कि सप्लाई में आई दिक्कत जल्द दूर होने की उम्मीद है और हालात सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पहली बार देखी ऐसी स्थिति
एक छात्रा ने बताया कि उसने पहली बार ऐसी स्थिति देखी है। इससे पहले नोटबंदी और कोरोना काल में ही इस तरह की लंबी कतारें देखने को मिली थीं। उसने बताया कि हॉस्टल का सिलेंडर खत्म हो चुका है और रेस्टोरेंट में भी इंडक्शन पर केवल हल्के स्नैक्स ही मिल पा रहे हैं। सीमित पैसे होने के कारण बाहर खाना भी महंगा पड़ रहा है, जबकि कई रेस्टोरेंट धीरे-धीरे बंद होते जा रहे हैं और जहां भोजन मिल रहा है वहां दाम बढ़ रहे हैं।








