आयुष्मान योजना पर सीएम का बड़ा बयान, मनरेगा और लैंड पूलिंग को लेकर सदन में हंगामा

आयुष्मान योजना पर सीएम का बड़ा बयान, मनरेगा और लैंड पूलिंग को लेकर सदन में हंगामा
भोपाल,यशभारत। मध्यप्रदेश विधानसभा की स्थापना के 69 वर्ष पूर्ण होने पर आज आयोजित एक दिवसीय विशेष सत्र में प्रदेश के विकास का विजन और तीखा राजनीतिक टकराव दोनों देखने को मिले। जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आयुष्मान योजना के जरिए स्वास्थ्य क्रांति का रोडमैप रखा, वहीं विपक्ष ने मनरेगा का नाम बदलने के मुद्दे पर सरकार को घेरा।
आयुष्मान योजना गरीबों के लिए संजीवनी: डॉ. मोहन यादव
विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए आयुष्मान भारत योजना को प्रदेश के लिए गेमचेंजर बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की यह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रक्षक और कल्याणकारी सिद्ध हो रही है। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को निःशुल्क और बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस योजना को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विशेष पहल कर रही है, ताकि प्रदेश का कोई भी गरीब व्यक्ति धन और इलाज के अभाव में पीड़ा न सहे।
‘बापू’ के नाम पर सियासी घमासान
इधर, सत्र शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में भारी नारेबाजी हुई। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने मनरेगा योजना का नाम बदलने की चर्चाओं का विरोध किया। सिंघार ने तंज कसते हुए कहा, “एक तरफ मोदी जी गांधी के चरखे की बात करते हैं, दूसरी तरफ बापू के नाम पर चल रही मनरेगा योजना का पैसा बंद किया जा रहा है और नाम बदलने की तैयारी है। क्या भाजपा बापू से डरती है?
लैंड पूलिंग एक्ट पर बैकफुट पर सरकार
उज्जैन में लैंड पूलिंग एक्ट वापस लेने के फैसले को कांग्रेस ने अपनी बड़ी जीत बताया। विधायक महेश परमार और आरिफ मसूद ने कहा कि जनता और किसानों के संघर्ष के आगे सरकार को ‘सरेंडर’ करना पड़ा। वहीं विधायक दिनेश जैन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ फिर धोखाधड़ी हुई, तो आंदोलन सड़कों पर उतरेगा।
गौरवशाली 7 दशक: राज्यपाल ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन
विधानसभा के ऐतिहासिक सफर को याद करने के लिए राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने विधानसभा की सात दशक की यात्रा चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें 1956 से अब तक के संसदीय इतिहास के 136 दुर्लभ चित्रों को दर्शाया गया है। यह प्रदर्शनी 18 से 25 दिसंबर तक आम जनता के लिए खुली रहेगी (प्रवेश के लिए आधार कार्ड अनिवार्य)।






