भोपालमध्य प्रदेश

स्वच्छता का दावा फाइलों में, शहर में लगा कचरे का ढेर 

नगर प्रशासन विभाग का अमला नहीं कर पा रहा जिम्मेदारी का निर्वाहन

स्वच्छता का दावा फाइलों में, शहर में लगा कचरे का ढेर 

– नगर प्रशासन विभाग का अमला नहीं कर पा रहा जिम्मेदारी का निर्वाहन

 भोपाल यशभारत। राजधानी भोपाल को को देश के स्वच्छ शहरों की सूची में अपनी पहचान बनाए रखने का दावा नगरीय प्रशासन विभाग कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि स्वच्छ ता का यह दावा फाइलों में ही चल रहा है। शहरी क्षेत्र में जगह जगह कचरे का ढेर लग रहा है। नगर निगम के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शहर के प्रमुख इलाकों में इन दिनों कचरे के ढेरों और गंदगी का अंबार दिखाई दे रहा है। स्थिति यह है कि कई कॉलोनियों और मुख्य सडक़ों पर सफाई न होने से लोगों को बदबू और मच्छरों के प्रकोप का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम का सफाई अमला अभियान के दावे तो बड़े करता है, लेकिन जमीनी हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं।

शहर की गलियों में कचरे के ढेर बने परेशानी का सबब
न्यू मार्केट, कोहेफिजा, अयोध्या नगर, शाहपुरा, गौतम नगर, भेल और भेलपुरी क्षेत्र जैसे कई इलाकों में कचरे के ढेर खुले में पड़े हुए हैं। जगह-जगह पॉलिथीन, सब्जियों के सड़े हुए अवशेष और घरेलू कचरे से उठती बदबू से स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। कई जगह तो कचरा डिब्बे हफ्तों से खाली नहीं किए गए हैं, जिससे सडक़ किनारे गंदगी फैल रही है।

सफाई कर्मियों की कमी और लापरवाही बनी वजह
नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक सफाई अमले की संख्या शहर की बढ़ती आबादी के मुकाबले काफी कम है। वहीं, जो कर्मचारी हैं, उनमें से कई नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं पहुंचते। कई वार्डों में सफाई वाहन भी समय पर नहीं पहुंचते, जिसके कारण कचरा उठाने में देरी हो जाती है। नागरिकों का कहना है कि सफाई कर्मचारी सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं।

स्वच्छता अभियान के पोस्टर, लेकिन नतीजे शून्य
शहर में जगह-जगह स्वच्छ भोपाल, सुंदर भोपाल के पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं, पर हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान की तैयारियां केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही हैं। सफाई कर्मियों की निगरानी में भी ढिलाई बरती जा रही है। वार्ड कार्यालयों में शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होती।

निवासियों की नाराजगी और स्वास्थ्य पर असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद गंदगी से बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ गया है। मच्छर, मक्खियों और कीड़ों का प्रकोप बढऩे से डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों का खतरा मंडरा रहा है। कई कॉलोनियों में लोग खुद मिलकर सफाई कराने को मजबूर हैं। नागरिकों का कहना है कि जब राजधानी की यह हालत है तो छोटे शहरों में स्थिति और खराब हो सकती है।

अधिकारी दे रहे सफाई, जल्द सुधार का दावा
इस स्थिति पर नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि कुछ इलाकों में सफाई अमला छुट्टी पर था, जिससे अस्थायी अव्यवस्था हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगले कुछ दिनों में सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाया जाएगा। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे भी घर का कचरा सडक़ पर फेंकने के बजाय निर्धारित डिब्बों में डालें।

अभियान चलाया जाएगा 
सफाई अमले को शहरी क्षेत्र में साफ सफाई रखने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी कचरे का ढेर लगा है उसे हटवाया जाएगा।
– संस्कृति जैन, आयुक्त, नगर निगम भोपाल

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