बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: तारिक रहमान ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ
NCP सांसदों का बहिष्कार

ढाका। बांग्लादेश में लंबे राजनीतिक गतिरोध के बाद आखिरकार नई सरकार का गठन हो गया। बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान ने देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली। हालांकि शपथ ग्रहण समारोह का कुछ विपक्षी सांसदों ने बहिष्कार भी किया, जिससे राजनीतिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है।
संसद परिसर में हुआ शपथ समारोह
रिपोर्ट के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह ढाका स्थित संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया गया। 13वीं राष्ट्रीय संसद के नवनिर्वाचित सदस्यों को मंगलवार 17 फरवरी की सुबह शपथ दिलाई गई। मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सुबह करीब 10:42 बजे सांसदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। संवैधानिक प्रावधानों के तहत स्पीकर या डिप्टी स्पीकर की अनुपस्थिति में यह जिम्मेदारी मुख्य चुनाव आयुक्त निभाते हैं।
चुनाव परिणामों की तस्वीर
आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 297 में से 211 सीटों पर जीत दर्ज की। बीएनपी ने अकेले 209 सीटें हासिल कीं। वहीं बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 77 सीटें मिलीं, जिनमें जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें प्राप्त हुईं। सात सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को इस चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई थी, जो चुनावी परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण पहलू रहा।
अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
शपथ समारोह में विभिन्न देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ढाका पहुंचकर कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
नई सरकार के गठन के साथ ही आम चुनाव के बाद सत्ता हस्तांतरण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो गई और कई महीनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता का अंत हो गया। अब सबकी नजरें नई सरकार की नीतियों और क्षेत्रीय कूटनीतिक संबंधों पर टिकी हैं।







