भोपालमध्य प्रदेश

कमला पार्क से लेकर करोंद तक चलाया अभियान

कमला पार्क से लेकर करोंद तक चलाया अभियान
– 36 आवारा मवेशी, 30 को हांका कर हटाया
भोपाल, यशभारत। राजधानी में आवारा पशुओं से बढ़ती परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने शनिवार को बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। शहर की प्रमुख सडक़ों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्वतंत्र रूप से घूम रहे पशुओं को पकडक़र कांजी हाउस भेजने की मुहिम तेज की गई। निगम की गौवर्धन परियोजना शाखा ने 36 पशुओं को पकड़ा, जबकि हांका पार्टी ने 30 पशुओं को हटाकर सडक़ों को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया। आवारा मवेशियों के कारण शहर में दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा था। कमला पार्क, राजभवन के सामने, पुरानी विधानसभा, वल्लभ भवन रोड, पॉलिटेक्निक चौराहा और माता मंदिर रोड जैसी प्रमुख सडक़ों पर दिनभर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती थी। दोपहिया वाहन चालक अक्सर इन मवेशियों से भिड़ते-भिड़ते बचते थे। कई बार अचानक सडक़ पर आ जाने वाले पशुओं के कारण वाहन चालक गिरकर घायल भी हो जाते हैं। नगर निगम की कार्रवाई से लोगों में कुछ राहत की उम्मीद जरूर जगी है।
निगम आयुक्त सांस्कृति जैन के निर्देश पर गोवर्धन परियोजना शाखा की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय थीं। कमला पार्क, लिंक रोड 1, 2 और 3, सेकंड स्टॉप, चूनाभट्टी, शुभालय, बागमुगालिया, ईटखेड़ी रोड, लाम्बा खेड़ा, नबीबाग, करोंद, 80 फीट रोड, डीआईजी बंगला और आरिफ नगर सहित कई इलाकों में अभियान चलाया गया। इन स्थानों पर लंबे समय से मवेशियों का कब्जा बना हुआ था और नागरिक आए दिन परेशान हो रहे थे।
ट्रैफिक होता है बाधित
सब्ज़ी मंडियों, मुख्य चौराहों और दफ्तरों के आसपास पशुओं की मौजूदगी से न केवल ट्रैफिक बाधित होता था बल्कि दुकानदार भी अक्सर इनसे परेशान रहते थे। कई दुकानदारों ने बताया कि आवारा गाय और सांड दुकानों के सामने रखे सामान को गिरा देते हैं, जिससे नुकसान होता है। वहीं सुबह–शाम ऑफिस जाने वाले लोगों का कहना है कि अंधेरे में सडक़ पर घूमते पशु किसी भी तरह की दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार अभियान आगे भी जारी रहेगा। लगातार शिकायतों के बाद यह कार्रवाई तेज की गई है। निगम का कहना है कि पकड़े गए पशुओं को कांजी हाउस में रखा जाएगा और मालिक के आने पर चालानी कार्रवाई भी की जाएगी। शहर में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं।
अभियान के बाद भी सडक़ों पर नजर आते हैं पशु
लोगों का कहना है कि कई बार अभियान के बाद भी कुछ दिनों में पशु फिर सडक़ों पर नजर आने लगते हैं। नागरिकों की मांग है कि नगर निगम केवल पकडऩे की कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि पशु मालिकों पर कड़ी कार्रवाई और नियमित निगरानी भी करे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button