सिवनी यश भारत:-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगना ग्राम रोजगार सहायक को भारी पड़ गया। सिवनी जिले की तहसील बरघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत साल्हे कोसमी के ग्राम रोजगार सहायक ओमेंद्र कुमार पारधी को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर जबलपुर लोकायुक्त इकाई द्वारा यह ट्रैप कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता अब्दुल वाहब पिता मान्बुद खान, निवासी ग्राम साल्हे कोसमी, थाना बरघाट, जिला सिवनी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि ग्राम रोजगार सहायक ओमेंद्र कुमार पारधी द्वारा उनकी पत्नी सबीना बी के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना में सबसे पहले नाम जोड़ने और आवास की स्वीकृत राशि 1 लाख 50 हजार रुपये शीघ्र दिलाने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है।
शिकायत की सत्यता जांचने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आरोपी के घर ग्राम साल्हे कोसमी पहुंचा, जहां ग्राम रोजगार सहायक ने रिश्वत की रकम स्वीकार की। जैसे ही आरोपी ने 5 हजार रुपये लिए, लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे उसके निज निवास से रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके पर ही आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आगे की विवेचना जारी है।
इस ट्रैप कार्रवाई में प्रभारी डीएसपी नीतू त्रिपाठी के नेतृत्व में निरीक्षक शशि मर्सकोले, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर का पूरा दल शामिल रहा। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर एक सख्त संदेश गया है कि भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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