सागर यश भारत (संभागीय ब्यूरो)/ प्रदेश सरकार की बिजली वितरण की पूर्व क्षेत्र बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर मिलन परतेती को सागर लोकायुक्त पुलिस ने शनिवार को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी जूनियर इंजीनियर 11 केव्ही बिजली लाईन हटाने के नाम पर घूस लेते हुए पकड़ा गया है।
बिजली संबंधी कार्यकरने वाले लाइसेंसी ठेकेदार जितेंद्र जैन के पास काम करने वाले ठेकेदार रामकुमार पटेल द्वारा मिलन परतेती पर रिश्वत मांगने की शिकायत पर जांच के बाद लोकायुक्त पुलिस ने जूनियर इंजीनियर के खिलाफ उक्त कार्यवाही की है।
मामले की जांच में सामने आया कि संभागीय मुख्यालय के उप नगरीय क्षेत्र मकरोनिया के अभिनंदन नगर में प्लॉट के ऊपर से 11 केवी की बिजली लाइन हटाने (लाइन शिफ्टिंग) के काम में जे ई मिलन परतेती लगातार मंजूरी को टाल रहा था और काम के बदले 1.5 लाख रुपये की मांग कर रहा था। इसमें से 1 लाख रुपये काम की मंजूरी के समय और बाकी के 50 हजार रुपये काम पूरा होने के बाद देने की बात तय की गई थी।
रामकुमार पटेल ने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की थी जिसकी जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोर जूनियर इंजीनियर मिलन परतेती को रंगे हाथों घेरने के लिए जाल बिछाया। योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता रामकुमार पटेल ने मिलन परतेती को जैसे ही 1 लाख रुपये की रिश्वत दी, लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
सागर में इन दिनों पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के सिटी एवं मकरोनिया डिवीजन में पदस्थ कतिपय जूनियर एवं वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली विवादों के घेरे में है। एक जूनियर महिला अधिकारी सहित कई अधिकारीयों के खिलाफ लोड चेकिंग और शिफ्टिंग की आड़ में ब्लैकमेलिंग कर लोगों से जबरन धन वसूली करने की कई शिकायतें सामने आई हैं। इसके अलावा छोटे बिजली उपभोक्ताओं के बिल भरने में विलंब होने पर सीधे तौर पर उनकी लाइन काटी जा रही है और 200 – 300 की बिल राशि पर भी 400 से 500 डिस्कनेक्शन – रीकनेक्शन चार्ज के नाम पर अवैध वसूली करने, स्मार्ट मीटर में गलत रीडिंग के द्वारा भारी भरकम बिल वसूली जैसी शिकायतें भी लगातार सामने आ रही है। इसके खिलाफ भी आम जनता द्वारा कार्यवाही की अपेक्षा की जा रही है।
सागर लोकायुक्त पुलिस द्वारा की गई उक्त कार्रवाई का नेतृत्व लोकायुक्त निरीक्षक रोशनी जैन ने किया। उनके साथ कमल सिंह उईके, आरक्षक नीलेश पांडे, अरविंद नायक, राघवेंद्र सिंह, शफीक खान, गोल्डी और अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने मौके से सबूत इकट्ठा कर आरोपी रिश्वतखोर सब इंजीनियर को हिरासत में ले लिया है।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी इंजीनियर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। सब इंजीनियर परतेती के खिलाफ आगे की जांच में यह भी पता लगाया जा रहा कि इससे पहले भी उसने इस तरह से कोई रिश्वत ली है या नहीं।
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