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एयर पॉल्यूशन पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नवी मुंबई आयुक्त का वेतन रोकने की चेतावनी

मुंबई,यश भारत

एयर पॉल्यूशन पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त, नवी मुंबई आयुक्त का वेतन रोकने की चेतावनी

मुंबई,यश भारत बॉम्बे हाईकोर्ट ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण में लगातार विफल रहने को लेकर नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि उसके पहले दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो नवी मुंबई नगर आयुक्त का वेतन रोका जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति सुमन श्याम की पीठ ने कहा कि एडवोकेट कमिश्नरों की समिति द्वारा निरीक्षण किए गए 11 निर्माण स्थलों को लेकर एनएमएमसी की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कोर्ट के सवाल पर यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि नगर निगम के किसी अधिकारी या टीम ने इन स्थलों का दौरा तक किया है। 20 जनवरी 2026 को सिटी इंजीनियर, एनएमएमसी द्वारा दायर हलफनामे में भी इस संबंध में कोई विवरण नहीं दिया गया।

पीठ ने कहा,
“यह इस न्यायालय के आदेशों का खुला उल्लंघन और अवहेलना है। ऐसी स्थिति में हम नवी मुंबई नगर आयुक्त को आदेश दे सकते हैं कि वे तब तक अपना वेतन न लें, जब तक कोर्ट इसकी अनुमति न दे। यदि यह पाया गया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने भी ईमानदार प्रयास नहीं किए हैं, तो उसके आयुक्त के खिलाफ भी ऐसा ही आदेश पारित किया जा सकता है।”

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि अनुपालन दर्शाने के लिए दायर हलफनामों में कई अहम पहलुओं पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। उदाहरण के तौर पर, बीएमसी के हलफनामे में उन 25 इंस्टॉलेशनों के बारे में कोई विवरण नहीं है, जिनका निरीक्षण एडवोकेट कमिश्नरों की समिति ने किया था। इसके अलावा करीब 500 निर्माण स्थल बिना एयर क्वालिटी मॉनिटर के संचालित हो रहे हैं, इसके कारणों पर भी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट ने कहा था कि मुंबई मनपा, एनएमएमसी और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड  को अभी और बहुत कुछ करना बाकी है। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि वायु गुणवत्ता की निगरानी का मौजूदा स्तर न्यायालय को स्वीकार्य नहीं है और हाईकोर्ट के बार-बार दिए गए निर्देशों तथा नगर निकायों द्वारा दिए गए आश्वासन, अनुपालन से अधिक उल्लंघन में दिखाई दे रहे हैं।

यह मामला वर्ष 2023 में हाईकोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लेते हुए जनहित याचिका के रूप में शुरू किया गया था। मुंबई महानगर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के गंभीर रूप से बिगड़ने के बीच हाल के दिनों में इसमें कई हस्तक्षेप याचिकाएं भी दायर की गई हैं।

अक्टूबर 2023 में हाईकोर्ट ने अखबारों में प्रकाशित रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए कहा था कि मुंबई शहर और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता तेजी से खराब हो रही है। कोर्ट ने एयर क्वालिटी इंडेक्स  का जिक्र करते हुए बताया था कि 0 से 50 ‘अच्छा’, 51 से 100 ‘संतोषजनक’, 101 से 200 ‘मध्यम’, 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 400 से ऊपर ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है।

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