भोपाल सडीपुका की बड़ी उपलब्धि इस सत्र में 1336 कोचों का सफल मेंटेनेंस, सुरक्षा और गुणवत्ता में नया कीर्तिमान

भोपाल सडीपुका की बड़ी उपलब्धि इस सत्र में 1336 कोचों का सफल मेंटेनेंस, सुरक्षा और गुणवत्ता में नया कीर्तिमान
भोपाल यश भारत। पश्चिम मध्य रेलवे के सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना सडीपुका भोपाल ने वित्तीय वर्ष 2025, 26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए कुल 1336 कोचों का सफल पीरियोडिक ओवर हॉलिंग POH कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। यह आंकड़ा रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले न केवल संतोषजनक बल्कि उत्कृष्ट कार्यशैली का प्रमाण भी है। कारखाना प्रबंधन ने वरिष्ठ अधिकारियों की सतत निगरानी, कुशल नेतृत्व और टीम भावना के साथ सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए इस लक्ष्य को समय पर पूरा किया। इस उपलब्धि ने भोपाल सडीपुका को रेलवे के प्रमुख मेंटेनेंस केंद्रों में और अधिक सशक्त पहचान दिलाई है। पीरियोडिक ओवर हॉलिंग पी ओ एच के दौरान कोचों की संपूर्ण तकनीकी जांच और मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए तैयार किया जाता है। इस प्रक्रिया में कोच की बॉडी और अंडरगियर की गहन मरम्मत कर अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। ट्रॉली और बोगी के सभी महत्वपूर्ण पार्ट्स का नवीनीकरण किया जाता है, जो संचालन की दृष्टि से अत्यंत अहम हैं। एयर ब्रेक सिस्टम बफर सहित अन्य संरचनात्मक उपकरणों को दुरुस्त कर यात्रियों को झटका रहित और सुरक्षित यात्रा का अनुभव सुनिश्चित किया जाता है। व्हील और एक्सल की मरम्मत व रखरखाव के माध्यम से परिचालन सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाया जाता है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल रेलवे की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और आराम के प्रति प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से झलकती है। भोपाल सडीपुका का यह प्रयास आने वाले समय में रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







