बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी ने की 82.44 लाख रु. की हेराफेरी – इओडब्ल्यू सागर में आपराधिक प्रकरण दर्ज
बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी ने की 82.44 लाख रु. की हेराफेरी
– इओडब्ल्यू सागर में आपराधिक प्रकरण दर्ज
– अधिक रकबा और कमर्शियल क्रॉप दिखाकर लोन स्वीकृति का मामला
भोपाल, यशभारत। बैंक आफ बड़ौदा शाखा सिरोंजा जिला सागर के अधिकारी द्वारा 82.44 लाख रु. की हेराफेरी करने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ सागर में अध्ािकारी पर षणयंत्र रचकर दस्तावेजों में हेरफर कर धोखाधड़ी करने का केस दर्ज किया गया है। बैंक अधिकारी द्वारा निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर केसीसी लोन मंजूरी में नियमों का पालन नहीं किया गया। जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायत के आधार पर जांच ईओडब्ल्यू द्वारा की गई। जिसमें पाया गया कि बैंक आफ बड़ौदा शाखा सिरोंजा की तत्कालीन शाखा प्रबंधक अर्चना बाघमारे द्वारा साथी गजेंद्र सिंह, कमलेश अहिरवार के साथ मिलकर केसीसी ऋण स्वीकृति में कृषि भूमि रकबा, उपजाई जाने वाली फसलों, पूर्व से बंधक भूमि इत्यादि तथ्यों को निजी व्यक्तियों की सहभागिता से छिपाकर दस्तावेजों में कूटरचना कर ऋण स्वीकृत किया गया। ऋण जारी करने के पूर्व निरीक्षण कार्य में भी बैंक मैनेजर द्वारा सही सत्यापन नहीं किया गया। बैंक मैनेजर द्वारा पैनल अधिवक्ता (बैंक से अधिकृत अधिवक्ता) से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त न करते हुए अन्य अधिवक्ता वीएसजेबी राणा से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त की गई। कूटरचित दस्तावेजों को अधिवक्ता वीएसजेबी राणा उर्फ वीणू राणा के द्वारा प्रमाणित किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि बैंक मैनेजर द्वारा निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार कर, कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बैंक को 82.44 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचाकर अवैध लाभ प्राप्त किया जाना पाया गया। ईओडब्ल्यू द्वारा बैंक मैनेजर अर्चना बाघमारे उसके साथी गजेंद्र सिंह, कमलेश अहिरवार, अधिवक्ता वीएसजेबी. राणा उर्फ वीणू राणा एवं अपात्र व्यक्ति दौलत सिंह, प्रेमलाल कुर्मी, बल्वेद सिंह, कामता सिंह, राघवेन्द्र सिंह, विजय सिंह, लीलाधर सिंह, पंचम सिंह, रामप्रसाद साहू, हरिबाई, रघुराज घोषी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।







