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दस्तावेजों में संदेह के बाद तहसीलदार की लगाई रोक को हाइकोर्ट ने हटाया, 2023 में की गई रजिस्ट्री और प्रक्रिया को किया मान्य

दस्तावेजों में संदेह के बाद तहसीलदार की लगाई रोक को हाइकोर्ट ने हटाया, 2023 में की गई रजिस्ट्री और प्रक्रिया को किया मान्य
– सरकारी रेट 50 करोड़, खरीदी 8 करोड़ तीन लाख में , रजिस्ट्री 6 करोड़ में
भोपाल यशभारत। राजधानी भोपाल की हुजूर अनुभाग के अंतर्गत आने वाले ग्राम सरवर की जमीन की खरीद फरोख्त के मामले में नया मोड आ गया है। हाइकोर्ट ने कंपनी द्वारा 2023 में कराई गई रजिस्ट्री और नामांतरण को मान्य करते हुए तहसीलदार को आदेश जारी किए हैं। हाइकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी ने 28 अगस्त 2025 को पूर्व में जारी आदेशों को विलोपित कर नए आदेश जारी कर दिए हैं। भगोड़े विजय मल्या की जमीन की रजिस्ट्री अजीबोगरीब तरीके से की गई। सरकारी रेट 50 करोड़ रुपए जबकि खरीदी 8 करोड़ तीन लाख में हुई वहीं रजिस्ट्री 6 करोड़ में हुई है।
यह है मामला
उद्योगपति यूनाइटेड स्प्रिटस के मालिक विजय माल्या की एक जमीन के मामले में मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया। राजधानी भोपाल के पास स्थित सरवर गांव पर प्लांट स्थापित करने के लिए कंपनी ने जमीन पर अधिग्रहण किया था, लेकिन प्रदेश के पंजीकरण नियमों के अनुसार संपत्तियों की रजिस्ट्री व नामांतरण अपने नाम नहीं कराया। जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए उनमें संदेह नजर आने के बाद तहसीलदार ने इस जमीन के क्रय विक्रय पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है थी।
23 साल बाद कराई प्रक्रिया
दरअसल ई मेल जरिए आवेदन दिया गया था और सरकारी रिकार्ड के मुताबिक संपत्ति पुरानी कंपनी के नाम पर ही दर्ज है। 23 साल बाद यूनाइटेड स्प्रिटस ने विलय अनुबंध के आधार पर पुरानी कंपनी की संपत्ति में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की तो विवाद की स्थिति बन गई। दरअसल जिस जमीन को लेकर कंपनी ने आवेदन दिया था उसेई मेल के जरिए भेजा गया था और किसानों ने इसे लेकर आपित्त जताई थी। विवाद को बढ़ता देख प्रशासन ने मामले की जांच कराई जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए उनमें संदेह नजर आया था।
राजस्व अभिलेखों में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया
ग्राम सरवर में 8.160 हेक्टेयर जमीन को यूनाइटेड स्प्रिटस लिमिटेड राजस्व अभिलेखों में अपने नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया कर रहा है। यह जमीन विटारी डिस्टलरीज के नाम पर दर्ज है। यूनाइटेड स्प्रिटस जो स्वयं इस जमीन की न तो रजिस्टर्ड होल्डर है और ना ही राजस्व अभिलेख में भूमि स्वामी है। फिर भी यूनाइटेड स्प्रिटस कंपनी ने इस जमीन को लेकर ई मेल के जरिए एक पत्र अधिकारियों को भेजा। जिसमें कंपनी जमीन का विक्रय एवं कब्जा भोपाल की हर्ष पैकेजिंग फर्म के नाम बता रही है।
किसानों ने भी दर्ज कराई थी आपत्ति
जमीन की खरीद फरोख्त और नामांतरण प्रक्रिया की कार्रवाई की जानकारी लगने के बाद किसानों ने भी आपत्ति जताई। दरअसल बिटारी डिस्टलरीज ने 20 एकड़ में से चार एकड़ में शराब प्लांट लगाया था। 16 एकड़ पर किसान खेती कर रहे थे। बिटारी डिस्टलरीज के प्लांट को वर्ष 2000 में यूनाइटेड स्प्रिटस डिस्टलरीज ने खरीद लिया। जिसके बाद दोनों का विलय हो गया। इस बीच यूनाइटेड स्प्रिटस कंपनी की संपत्ति ईडी ने अटैच कर ली। लेकिन ग्राम सरवर की यह 20 एक? जमीन बिटारी कंपनी के नाम ही चली आ रही थी, इसका नामांतरण नहीं हुआ था। विलय के जरिए यूनाइटेड की संपत्ति कहलाने लगी। 2019 में नामांतरण प्रकरण तहसील में पेश किया गया, लेकिन स्टांप डयूटी जमा नहीं होने के कारण प्रकरण खारिज हो गया। पंजीयक ने 3 करोड़ 50 लाख रुपए स्टांप डयूटी निकाली जिसे कंपपनी ने 2023 तक जमा नहीं किया। 2023 में स्टांप डयूटी को घटाकर 1 करोड 59 लाख रुपए जमा करा दिए। बिना रजिस्ट्री के नामांतरण कर दिया गया।
तहसीलदार ने जारी किए यह आदेश
तहसीलदार अनुराग त्रिपाठी ने रेव्हेनयू आर्डर शीट में लिखा है कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा पािरत निर्णय दिनांक 1 जुलाई 2025 में प्रकरण में पारित अंतरिम आदेश दिनांक 12 अगस्त 2023 को अपास्त करते हुए प्रतिवादी क्रमांक 04 के पक्ष में आदेश दिनांक 20 जून 2023 अनुसारा नामांतरण संबंधी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। चूंकि प्रकरण में पारित अंतिम आदेश दिनांक 20 जून 2023 से आवेदक यूनाईटेड स्पीरिटस लिमिटेड पंजीकत है कार्यालय यूबी टावर 24 विटटल माल्या रोड बेंगलुरू के पक्ष में नामांतरण स्वीकत है अत: पारित नामांतरण आदेश प्रभावशील होने से संबंधित पटवारी आदेश का अमल राजस्व प्रलेखों में कर खसरा नकल प्रकरण में संलग्न करें साथ ही संबंधित हल्का पटवारी खसरा अभिलेख के कॉलम में आदेश पत्रिका 21 अक्टूबर 2024 एवं 24 अक्टूबर 2024 से दर्ज टीप माननीय उच्च न्यायालय द्वारा याचिका क्रमांक14092-2024 में दिनांक 1 जुलाई 2025 को अंतिम आदेश पारित करने से उक्ट टीप विलोपित की जाती है संबंधी प्रविष्टि दर्ज करें।
आदेश जारी किए हैं
ग्राम सरवर की बीस एकड़ जमीन से संबंधित मामला
तहसील न्यायालय में है, कंपनी द्वारा 2023 में कराई गई रजिस्ट्री सहित अन्य प्रक्रिया को मान्य कर दिया गया है। हाइकोर्ट के आदेश मिलने के बाद हमने अनुपालन में आदेश जारी कर दिए हैं।
– अनुराग त्रिपाठी, तहसीलदार, हुजूर भोपाल

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