जबलपुर | अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जबलपुर महानगर द्वारा सोमवार को रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में अपनी 19 सूत्रीय मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन किया गया। करीब 2 घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान छात्रों ने कुलगुरु और कुलसचिव से सीधे सवाल किए और शैक्षणिक व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
प्रमुख मुद्दे: परीक्षा और परिणामों में देरी अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को घेरे में लेते हुए बताया कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक कैलेंडर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित 19 मांगों को उठाया गया:
परीक्षा परिणामों में अनावश्यक देरी और पुनर्मूल्यांकन (Revaluation) में पारदर्शिता की कमी।
डिग्री, माइग्रेशन और मार्कशीट के वितरण में महीनों का विलंब।
छात्रवृत्ति और फीस से जुड़ी विसंगतियां।
परिसर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव।
प्रशासनिक कलह आई सामने प्रदर्शन के दौरान एक असहज स्थिति तब निर्मित हो गई जब चर्चा के बीच ही कुलगुरु और डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर (DSW) के बीच प्रशासनिक विषयों को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। अभाविप ने इस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारी ही आपस में उलझे हुए हैं, तो छात्रों की समस्याओं का समाधान कौन करेगा? यह आंतरिक समन्वय की कमी छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रही है।
‘छात्रहित सर्वोपरि, समझौता नहीं होगा’ महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी आपसी कलह छोड़कर छात्रों की सुध ले। यदि 19 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्ययोजना जारी नहीं की गई, तो परिषद चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करेगी।”
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद इस प्रदर्शन में केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य माखन शर्मा, महानगर संगठन मंत्री प्रभात तिवारी, ऐश्वर्य सोनकर, अनमोल सोनकर, तृषा पांडे, अक्षत ताम्रकर, आर्या सिंह, सत्यम पटेल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।