राजधानी में सक्रिय था लखनऊ का शातिर गिरोह

राजधानी में सक्रिय था लखनऊ का शातिर गिरोह
– लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर नशीली दवाओं और देह व्यापार के दलदल में धकेलती थीं आरोपी बहनें।
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल की बागसेवनिया पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो युवतियों को नौकरी का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराने और उन्हें देह व्यापार के नरक में धकेलने का काम कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह की मुख्य सरगना दो सगी बहनों अमरीन और आफरीन सहित उनके साथी चंदन यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में इस गिरोह के तार ईरानी डेरे और अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े होने के चौंकाने वाले सबूत मिले हैं।
नौकरी के बहाने जाल, फिर ब्लैकमेलिंग का खेल
पुलिस जांच और पीड़िताओं के बयानों के अनुसार, आरोपी बहनें गरीब और मध्यमवर्गीय लड़कियों को अपने घर में ‘बच्चा संभालने’ की नौकरी पर रखती थीं। शुरुआत में उन्हें परिवार के सदस्य की तरह रखा जाता और फिर धीरे-धीरे उन पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला जाता था। अच्छी जगह शादी का लालच देकर और धर्म की खूबियां बताकर उन्हें गुमराह किया जाता। इसी बीच, गिरोह के अन्य सदस्य—बिलाल, चानू और चंदन—मौका पाकर युवतियों के साथ दुष्कर्म करते थे। बदनामी के डर से जब लड़कियां टूट जातीं, तो उन्हें एमडी ड्रग्स और शराब का आदी बनाकर अहमदाबाद और मुंबई के स्पा सेंटरों में देह व्यापार के लिए भेज दिया जाता था।
लखनऊ से भोपाल और फिर अपराध का साम्राज्य
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी परिवार करीब 20 साल पहले लखनऊ से भोपाल आया था और वहां के एक ईरानी कबीले से ताल्लुक रखता है। पिता की मौत के बाद दोनों बहनों ने स्पा सेंटर में काम शुरू किया, जहां वे हाई-प्रोफाइल लोगों के संपर्क में आईं। पुलिस को अमरीन के मोबाइल से कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनमें दर्जनों लड़कियों की तस्वीरें और ग्राहकों की जानकारी है।






