भोपालमध्य प्रदेश

सेंट्रल बैंक में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, दस्तावेज जलकर खाक

आग बुझाने में लगे दो घंटे

सेंट्रल बैंक में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, दस्तावेज जलकर खाक
_ आग बुझाने में लगे दो घंटे
भोपाल यश भारत। राजधानी के मारवाड़ी रोड स्थित सेंट्रल बैंक शाखा में गुरुवार देर रात अचानक आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देर रात करीब 11 बजे राहगीरों ने बैंक परिसर से धुआं निकलते देखा। लोगों ने तुरंत सूचना फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही जूनानी सफाखाना और फतेहगढ़ फायर स्टेशन से दमकलें मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रात डेढ़ बजे के करीब आग पूरी तरह काबू में आ पाई।
शार्ट सर्किट से लगी आग
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। बताया जा रहा है कि आग पहले तारों में लगी और फिर धीरे-धीरे फर्नीचर व दस्तावेजों तक फैल गई। गनीमत यह रही कि समय रहते अलर्ट मिल गया और दमकलकर्मी सक्रिय हो गए, वरना नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
फायर अलार्म ने किया अलर्ट
आग लगने के बाद बैंक का फायर अलर्ट सिस्टम भी एक्टिव हो गया, जिससे आस-पास के लोगों को घटना का पता चला और वे मौके पर जुट गए। फायर अलार्म और स्थानीय लोगों की तत्परता के चलते आग को फैलने से रोका जा सका।
दस्तावेज जलने की आशंका
बैंक परिसर के अंदर रखे कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज आग की चपेट में आ गए। हालांकि बैंक प्रबंधन की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है कि कौन-कौन से दस्तावेज जले हैं और कितना नुकसान हुआ है। बैंक अधिकारी तड़के तक नुकसान का आकलन करते रहे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ग्राहकों की राशि और कैश सेफ में सुरक्षित है, ऐसे में किसी प्रकार के आर्थिक नुकसान की आशंका कम मानी जा रही है।
दमकल की बड़ी भूमिका
दमकलकर्मी राजेंद्र बाथम ने बताया कि “आग पर काबू पाने में करीब दो घंटे लग गए। बैंक के अंदर धुआं ज्यादा भर गया था, जिससे टीम को अंदर घुसने में दिक्कत आई। शॉर्ट सर्किट से आग फैलने की पुष्टि हुई है।” दमकल टीम को विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद करानी पड़ी, जिसके बाद ही आग पर नियंत्रण संभव हो सका।
बड़ा हादसा टला
यह इलाका घनी आबादी वाला है और बैंक के आस-पास कई दुकानें और आवासीय परिसर हैं। अगर आग तेजी से फैलती तो आसपास भी बड़ा नुकसान हो सकता था। आग पर समय रहते काबू पाकर प्रशासन ने बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
इस घटना के बाद बैंक प्रबंधन ने शाखा में लगे पुराने वायरिंग सिस्टम की जांच कराने की बात कही है, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। ग्राहकों को भी भरोसा दिलाया गया है कि उनके खातों और जमा राशि पर किसी प्रकार का जोखिम नहीं है।

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