बिजली के खंभों पर फैला तारों का जाल

बिजली के खंभों पर फैला तारों का जाल
– आगजनी का बढ़ा खतरा, जिम्मेदार बेखबर
भोपाल, यशभारत। राजधानी भोपाल में बिजली व्यवस्था की बदहाली अब खुलेआम खतरे का रूप लेती जा रही है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में बिजली के खंभों पर तारों का ऐसा अव्यवस्थित जाल फैला हुआ है, जो किसी मकड़ी के जाले से कम नहीं दिखता। यह लटकते और उलझे तार न सिर्फ शहर की खूबसूरती पर दाग हैं, बल्कि हर पल शॉर्ट सर्किट और आगजनी का खतरा भी पैदा कर रहे हैं। नगर क्षेत्र, लिंक रोड नंबर 10 मार्केट, माता मंदिर, भोपाल कोर्ट परिसर सहित कई व्यस्त इलाकों में बिजली के खंभों पर बिजली, केबल टीवी, इंटरनेट और अन्य निजी कंपनियों के तार बेतरतीब ढंग से लटकते नजर आते हैं। कहीं तार आपस में उलझे हैं तो कहीं खंभों पर क्षमता से कहीं अधिक केबल लदी हुई है। बारिश, तेज हवा या हल्की सी चिंगारी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
बीते समय में जहांगीराबाद जैसे इलाकों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं इस खतरे की गंभीरता को पहले ही उजागर कर चुकी हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, आए दिन ट्रांसफार्मर के पास चिंगारी निकलने, तारों से धुआं उठने या अचानक बिजली गुल होने की घटनाएं होती रहती हैं। बावजूद इसके, न तो बिजली विभाग और न ही नगर निगम की ओर से कोई स्थायी समाधान नजर आ रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्रों में यह समस्या और भी गंभीर है। लिंक रोड नंबर 10 मार्केट में दुकानों के ऊपर से गुजरते तार किसी भी समय आग का कारण बन सकते हैं। गर्मी के मौसम में जब लोड बढ़ता है, तब यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यदि आग लगती है तो तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में फायर ब्रिगेड का पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है।
भोपाल कोर्ट और माता मंदिर जैसे संवेदनशील इलाकों में भी यही हाल है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की दुर्घटना जान-माल के बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने और खुले तारों की समय-समय पर जांच, अंडरग्राउंड केबलिंग और अवैध कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई ही इसका स्थायी समाधान है।
स्थानीय नागरिकों ने कई बार संबंधित विभागों में शिकायतें की हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में अस्थायी मरम्मत कर मामला टाल दिया जाता है। सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा? शहरवासियों की मांग है कि बिजली विभाग, नगर निगम और निजी केबल कंपनियां मिलकर समन्वित योजना बनाएं, ताकि खंभों से तारों का जाल हट सके। बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थानों को चिन्हित कर बिजली के तारों को खंभों से हटवाया जाएगा, लोगों को सुरक्षित तरीके से बिजली मिल सके इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।







