शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में जबलपुर स्थित स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर्स का एक ऐतिहासिक कदम
दुबई में भी देगा स्टेमफील्ड स्कूल रोबोटिक शिक्षा

शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में जबलपुर स्थित स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर्स का एक ऐतिहासिक कदम
दुबई में भी देगा स्टेमफील्ड स्कूल रोबोटिक शिक्षा
दुबई / जबलपुर, यशभारत। शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, जबलपुर स्थित स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर्स ने दुबई में अपनी सहायक कंपनी स्टेमफील्ड स्किल एजुकेशन सर्विसेज एलएलसी की स्थापना की है। यह कंपनी अब दुबई और पूरे यूएई में रोबोटिक्स, एआई, एयरोस्पेस और इनोवेटिव स्किल लैब्स की स्थापना एवं संचालन करेगी।स्टेमफील्ड इंटरनेशनल स्कूल ने आज दुबई में बिज़नेस बे में स्टेमफील्ड स्किल एजुकेशन सर्विसेज एलएलसी दुबई ने एरोबे के साथ साझेदारी में दुबई में कार्यालय स्थापित किया आईएसएस अवसर पर स्टेमफील्ड स्कूल के संस्थापक पर्व जैसवाल को यश भारत के संस्थापक आशीष शुक्ला ने पूजा अर्चन के बाद बधायी दी ।
इस पहल के तहत, स्टेमफील्ड ने भारत की अग्रणी कंपनी एरोबे (एवियोट्रॉन एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड) के साथ 15 वर्षों के लिए एक विशेष लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता यूएई और जीसीसी देशों में “्रद्गह्म्शक्चड्ड4 क्कश2द्गह्म्द्ग िड्ढ4 स्ह्लद्गद्वद्घद्बद्गद्य”ि ब्रांड नाम से काम करेगा।
स्टेमफील्ड स्किल एजुकेशन सर्विसेज एलएलसी दुबई के प्रबंध निदेशक श्री पर्व सुरेंद्र जायसवाल और सह-निदेशक श्रीमती सुप्रिया जायसवाल ने कहा -“यह हमारे लिए सिर्फ एक विस्तार नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा की गुणवत्ता और प्रयोगात्मक सीखने की सोच को वैश्विक मंच पर ले जाने का सपना है। दुबई हमारी अंतर्राष्ट्रीय यात्रा का पहला पड़ाव है।”
प्रमुख विशेषताएँ:
दुबई के बिजनेस बे में आधुनिक कार्यालय।
दुबई व यूएई के शीर्ष स्कूलों में रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस और कोडिंग आधारित स्किल लैब्स की स्थापना।
भारतीय विशेषज्ञों और स्थानीय प्रोफेशनल्स की संयुक्त टीम। भविष्य में स्ह्लद्गद्वद्घद्बद्गद्य िऔर ्रद्गह्म्शक्चड्ड4 मिलकर खाड़ी देशों में और विस्तार करेंगे। एरोबे के सह-संस्थापक आशीष कुमावत ने कहा – “स्टेमफील्ड के अनुभव और हमारी तकनीकी क्षमता से यूएई के ब’चों को विश्वस्तरीय स्किल शिक्षा उपलब्ध होगी। यह सहयोग क्षेत्र की शिक्षा प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होगा।







