जेल में गूंजा बहनों का स्नेह, राखी बंधवाते कैदी भाइयों की आंखें छलकीं, देखे विडिओ ……
भाइयों ने कहा- अपराध की राह ने छीन ली परिवार की खुशियां

जबलपुर,यशभारत। रक्षाबंधन के पर्व पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस केंद्रीय जेल में भाई-बहन के स्नेह का भावुक दृश्य देखने को मिला। अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें जेल पहुंचीं। वर्षों बाद या लंबे अंतराल के बाद भाई के सामने पहुंची कई बहनों की आंखें नम थीं। वहीं, राखी बंधवाते समय बंदी भाइयों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े।
जेल प्रशासन ने पर्व को लेकर विशेष इंतजाम किए थे। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक नेताजी क्रीड़ांगन मैदान में राखी बांधने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां 9 जिलों के बंदियों के लिए अलग-अलग पंडाल बनाए गए थे। इन्हीं पंडालों में बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखद भविष्य की कामना की। रक्षाबंधन पर दो हजार से अधिक बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने पहुंचीं। बहनों से मुलाकात के दौरान कई बंदी भाई भावुक नजर आए। उन्होंने बहनों से अपराध की दुनिया से दूर रहने और परिवार के साथ सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प भी साझा किया।
लंबे समय से सजा काट रहे कुछ बंदियों ने कहा कि अपराध का परिणाम बेहद कठिन होता है। जेल में परिवार से दूर रहकर एक-एक दिन काटना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने युवाओं और आम लोगों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में अपराध का रास्ता न चुनें और अपने परिवार की खुशियों को प्राथमिकता दें।







