जिले में अब तक 459 किसानों से 1 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी, सबसे पहले छोटे रकवे के किसानों के गेहूं की हो रही खरीदी
14 हजार से अधिक किसानों के स्लाट बुक

कटनी, यशभारत। जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी जारी है। इसके लिए सभी खरीदी केन्द्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। कलेक्टर आशीष तिवारी ने समूची खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध ढंग से संचालित करने की हिदायत दी है ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। जिले में समर्थन मूल्य पर अब तक 459 किसानों से 1 हजार 2 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। वहीं 14 हजार 205 किसानों के स्लॉट बुक हैं। खरीदी के मामले में ढीमरखेड़ा की प्राथमिक साख समिति, दशरमन अग्रणी है जहां अब तक 48 किसानों से 143 मीट्रिेक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। इसी तरह प्राथमिक साख सहकारी समिति, देवरी मंगेला में 37 किसानों से 117 मीट्रिक टन और प्राथमिक साख समिति, कचनारी में 50 किसानों से 100 मीट्रिक टन खरीदी हो चुकी है।
सबसे पहले छोटे रकवे के किसानों के गेहूं की हो रही खरीदी
कलेक्टर श्री तिवारी ने सबसे पहले छोटे रकवे वाले किसानों फिर मध्यम और बाद में बड़े किसानों से गेहूं उपार्जन के निर्देश दिए हैं। अन्नदाता किसानों को उपार्जन में कोई असुविधा न हो इसके लिए सभी एसडीएम को उपार्जन केन्द्रों का सतत् निरीक्षण कर इंतजामों की निगरानी करने और सहायक आयुक्त सहकारिता को भी खरीदी केन्द्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश कलेक्टर ने दिए हैं।
उपार्जन केंद्र में किसानों के लिये गेहूँ बिक्री की सभी सुविधाएं
कलेक्टर श्री तिवारी के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों में गेहूँ विक्रय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उपार्जन केन्द्रों में छायादार स्थान में बैठने और पेय जल की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। केंद्र में बारदाने, तौल कांटे सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
समर्थन मूल्य के साथ बोनस भी
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। किसानों से आग्रह किया गया है कि वे खरीदी केंद्र में साफ-सुथरा गेंहू लायें।








