इराक में अमेरिकी KC-135 टैंकर विमान क्रैश, 4 सैनिकों की मौत; 2 की तलाश जारी
अमेरिकी ऑपरेशन का हिस्सा था टैंकर विमान

इराक। पश्चिमी इराक में अमेरिकी सेना का एक सैन्य टैंकर विमान KC-135 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार 6 क्रू मेंबर में से 4 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। दुर्घटना के बाद इलाके में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान के गिरने के पीछे न तो दुश्मन की गोलीबारी और न ही मित्र सेना की फायरिंग को जिम्मेदार बताया गया है। यह विमान अमेरिकी सैन्य अभियान के तहत तैनात था और हवा में अन्य लड़ाकू विमानों को ईंधन उपलब्ध कराने का काम करता था।
अमेरिकी ऑपरेशन का हिस्सा था टैंकर विमान
यह टैंकर विमान ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में शामिल था। इस मिशन के लिए क्षेत्र में दो टैंकर विमान तैनात किए गए थे, जिनमें से एक क्रैश हो गया, जबकि दूसरा सुरक्षित रूप से लैंड करा लिया गया।
दुर्घटनाग्रस्त विमान बोइंग कंपनी द्वारा निर्मित KC-135 स्ट्रैटोटैंकर था, जिसे 1950 के दशक में अमेरिकी सेना के लिए तैयार किया गया था। इस तरह के विमान युद्ध के दौरान हवा में लड़ाकू और बमवर्षक विमानों को ईंधन भरकर उनकी मारक क्षमता और ऑपरेशन की अवधि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खाड़ी युद्ध के दौरान भी इन विमानों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था।
24 घंटे तक नहीं बताई जाएगी मृतकों की पहचान
यह हादसा गुरुवार को हुआ बताया जा रहा है। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। अमेरिकी सेना ने कहा है कि मृत सैनिकों की पहचान 24 घंटे तक सार्वजनिक नहीं की जाएगी, ताकि पहले उनके परिजनों को सूचना दी जा सके।
आमतौर पर इस प्रकार के विमान में एक पायलट, एक को-पायलट और एक बूम ऑपरेटर समेत अन्य क्रू मेंबर होते हैं।
ईरानी मीडिया का अलग दावा
वहीं ईरान की सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उसके सहयोगी मिलिशिया समूह ने इस विमान को मिसाइल से निशाना बनाया था। हालांकि अमेरिकी सेना ने अभी तक इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
बताया जा रहा है कि मौजूदा संघर्ष के दौरान अब तक सात अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है और अमेरिका चार सैन्य विमान गंवा चुका है। इससे पहले कुवैत के ऊपर कथित रूप से अपने ही लोगों की गोलीबारी में तीन F-15 लड़ाकू विमान गिराए जाने की खबर भी सामने आई थी।







